Ranchi: धनबाद जिला स्थित बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में हुई एक घटना को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी के बीच फोन पर हुई तीखी बातचीत और कथित गाली-गलौज का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. (हालांकि, इस वायरल ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.)

इस घटना के बाद से सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है, कि जो झारखंड पुलिस एसोसिएशन अक्सर पुलिसकर्मियों के सम्मान, सुरक्षा और पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार के अन्य मामलों में तुरंत प्रतिक्रिया देता था और आवाज उठाता था, वह इस पूरे मामले में चुप्पी क्यों साधे हुए है? सामान्य तौर पर, जब भी किसी जनप्रतिनिधि या दबंग द्वारा पुलिस अधिकारियों या कर्मचारियों के साथ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया जाता है या धमकी दी जाती है, तो पुलिस एसोसिएशन विरोध जताते हुए ज्ञापन सौंपता है या बयान जारी करता है. लेकिन इस मामले में विधायक द्वारा पुलिस अधिकारी को दी गई कथित चेतावनी और बहस का ऑडियो सामने आने के बावजूद एसोसिएशन की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं. क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या प्रशासनिक दबाव या राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण एसोसिएशन इस मुद्दे पर बैकफुट पर है, या आने वाले दिनों में इस पर कोई आधिकारिक रुख सामने आएगा.
क्या है वायरल ऑडियो में?
– वायरल ऑडियो के अनुसार, बातचीत की शुरुआत फर्जी सर्टिफिकेट और फर्जी मुहर से जुड़े एक मामले को लेकर हुई.
– राजनीतिक खुन्नस का आरोप: विधायक जयराम महतो ने थाना प्रभारी से सवाल किया कि किसी के कहने पर जेएलकेएम (JLKM) के कार्यकर्ता को नोटिस क्यों दिया गया?
– उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक खुन्नस के तहत यह कार्रवाई कर रही है और थाने में क्या चल रहा है, यह सब जानते हैं.
– पुलिस की सफाई: थाना प्रभारी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पुलिस के पास दो तरह की फर्जी मुहरें बनाए जाने का प्रमाण उपलब्ध है और पुलिस केवल कानून के मुताबिक काम कर रही है. उन्होंने कहा, “सर, सब एक जैसे नहीं होते, मैं किसी के कहने पर काम नहीं कर रहा हूं.
– परिणाम भुगतने की चेतावनी: ऑडियो में विधायक कड़े शब्दों में यह कहते सुने जा रहे हैं तुम बस इतना प्रार्थना करो कि जिंदगी भर जेएमएम की सरकार रहे. जिस दिन राज्य में सरकार बदलेगी, तुमसे पर्सनल खुन्नस निकालूंगा. इस बात को किसी दीवार पर लिख लो, तुम चाहे जिस कोने में रहोगे.
– थाना प्रभारी का संयम: बहस के दौरान थाना प्रभारी संयम बनाए रखते हुए यह कहते सुने गए कि जो भी अपराध करेगा, उस पर पुलिस नियमानुकूल कानूनी कार्रवाई करेगी.
थाने में हंगामा, मारपीट और काउंटर केस
इस पूरे विवाद की शुरुआत बड़ा पिछरी की मुखिया यशोदा देवी के कथित फर्जी हस्ताक्षर कर जाति, आवासीय प्रमाणपत्र और वंशावली बनाए जाने के आरोपों से हुई. इन आरोपों में जेएलकेएम नेता गणेश दास की गिरफ्तारी के बाद 21 अगस्त की रात डुमरी विधायक जयराम महतो बरवाअड्डा थाना पहुंचे थे. थाने में विधायक के समर्थकों और मुखिया समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद मारपीट हो गई. आरोप है कि इस दौरान विधायक के साथ भी हाथापाई की गई. विधायक जयराम महतो ने इस पूरी घटना को अपने खिलाफ साजिश बताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है. दूसरी ओर, थाने के भीतर हुई हिंसा को लेकर दोनों पक्षों की तरफ से काउंटर केस दर्ज कराया गया है. पुलिस ने इस मामले में एससी एसटी एक्ट समेत कई अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है.

