Chatra: चतरा जिले से एक बेहद दर्दनाक और प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ी करने वाली खबर सामने आई है. हंटरगंज स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मां कौलेश्वरी पर्वत पर सावन के पवित्र महीने में दर्शन करने आए एक 22 वर्षीय युवक की सरोवर में डूबने से मौत हो गई है. इस हृदयविदारक घटना ने जहां एक तरफ पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है, वहीं दूसरी तरफ मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन की लचर सुरक्षा व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. यह दर्दनाक हादसा हंटरगंज के कौलेश्वरी पर्वत स्थित महाकालेश्वर और सूर्य मंदिर के समीप बने सरोवर में हुआ है. पलामू जिले के तरहसी थाना क्षेत्र अंतर्गत सिलडिलिया गांव निवासी रामू सिंह का 22 वर्षीय पुत्र सम्राट सिंह अपने परिवार के साथ सावन में पूजा-अर्चना के लिए यहां आया था.

स्थानीय लोग आनन-फानन में मौके पर पहुंचे
जब सम्राट सरोवर में स्नान करने उतरा, तभी अचानक पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा. चीख-पुकार सुनकर श्रद्धालु और स्थानीय लोग आनन-फानन में मौके पर पहुंचे. स्थानीय लोगों ने झगर (कांटेदार हुक) और बांस के सहारे काफी मशक्कत के बाद युवक को गहरे पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं. घटना की सूचना मिलते ही वशिष्ठ नगर जोरी थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया है. थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है. इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल प्रशासन और मंदिर समिति की जिम्मेदारी पर उठ रहा है. थाना प्रभारी ने भी यह स्वीकार किया है कि इतने प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर, जहां हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, वहां त्वरित बचाव के लिए कोई सुरक्षा साधन या गोताखोर की व्यवस्था नहीं है. गहरी खाई और तालाब के पास बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड तक का न होना, जिला प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही को दर्शाता है. आखिर कब तक सिस्टम की इस अनदेखी की कीमत आम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी?

