DVC बोकारो थर्मल के वरीय प्रबंधक ने दिया इस्तीफा, तनाव और बार-बार तबादलों को माना जा रहा मुख्य कारण

बोकारो: बेरमो अनुमंडल के डीवीसी बोकारो थर्मल पावर प्लांट में कार्यरत वरीय प्रबंधक (मैकेनिकल) और डीवीसी ईडीसीएल के लाइजिंग ऑफिसर सचिन बोदलकर...

बोकारो: बेरमो अनुमंडल के डीवीसी बोकारो थर्मल पावर प्लांट में कार्यरत वरीय प्रबंधक (मैकेनिकल) और डीवीसी ईडीसीएल के लाइजिंग ऑफिसर सचिन बोदलकर ने अपने पद से लिखित त्यागपत्र दे दिया है. जानकारी के अनुसार, त्यागपत्र देने के तुरंत बाद वे छत्तीसगढ़ अपनी पत्नी के पास चले गए हैं. एचओपी सुशील कुमार अरजरिया के अवकाश पर होने के कारण, उन्होंने अपना इस्तीफा जीएम (इलेक्ट्रिकल) राजेश विश्वास को सौंपा था.

डेढ़ साल में चार तबादले बने चर्चा का विषय

विश्वस्त सूत्रों और प्लांट के गलियारों में चर्चा है कि सचिन बोदलकर पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर डीवीसी की कार्यप्रणाली और सिस्टम से काफी तनाव में थे. बताया जा रहा है कि पिछले महज डेढ़ वर्षों के दौरान उनका चार बार विभागीय तबादला किया गया है. बोकारो थर्मल में उनकी पारी वाटर पैकेज मैनेजर के रूप में शुरू हुई थी, जिसके बाद उन्हें सीएचपी, फिर ऐश प्लांट और अंत में ऐश पॉन्ड की जिम्मेदारी दी गई. ऐश पॉन्ड में स्थानांतरण के बाद से ही वे अत्यधिक मानसिक दबाव में देखे जा रहे थे. ऐश पॉन्ड में उनके पूर्व सुनील सोरेन भी तबादले के बाद काफी तनाव में थे, जिसके कारण उन्हें हटाकर सचिन बोदलकर की पदस्थापना की गई थी.

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कामगारों में रोष

पावर प्लांट के कामगारों का कहना है कि सचिन बोदलकर ने जिस भी विभाग में काम किया, वहां अपनी मेहनत और कार्यकुशलता से अलग पहचान बनाई. इसके बावजूद परिस्थितियों ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए बाध्य कर दिया, जो संस्थान के लिए एक बड़ा सवाल है.

EDCL ने मामले को लिया गंभीरता से

ईडीसीएल के अध्यक्ष मनीष कुमार चौधरी और सचिव रमेश कुमार ने बताया कि जिस वक्त सचिन बोदलकर ने इस्तीफा दिया, वे दोनों अवकाश पर थे. उन्होंने कहा कि हम लगातार उनसे संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वे फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं. उनकी पत्नी से संपर्क होने पर उनका कहना था कि उन्हें छोड़ दें, वे काफी तनाव में हैं. ईडीसीएल नेतृत्व ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया है और इस पर आंतरिक विचार-विमर्श किया जा रहा है.

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