Bokaro: गोमिया प्रखंड के अति सुदूरवर्ती क्षेत्र महुआटांड और बड़की पुन्नू पंचायत में पेयजल आपूर्ति पिछले साढ़े चार साल से पूरी तरह बंद है. ग्रामीण जल आपूर्ति योजना के तहत बने जलमीनार के पांच साल हो गए हैं लेकिन साढ़े चार साल से जलापूर्ति हो ही नहीं रही है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव एवं झारखंड आंदोलनकारी इफ्तेखार महमूद ने आरोप लगाया कि करोड़ों के खर्च से भारी भरकम संरचना का निर्माण किया गया लेकिन जलापूर्ति नहीं होना योजना में बंदरबांट को उजागर करता है. महमूद ने कहा कि योजनाओं के निर्माण में राजनीतिक नियंत्रण के कारण योजना को अनुपयोगी बना रहा है. इसी कारण करोड़ों खर्च के बाद भी गोमिया के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट बना हुआ है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब गोमिया में पेयजल संरचनाओं के निर्माण में भारी अनियमितता है तो इसी से पूरे राज्य की स्थिति का आकलन किया जा सकता है.

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