गिरिडीह में भूमाफियाओं का आतंक: दिनदहाड़े चारदीवारी तोड़ी, परिवार को जान से मारने की धमकी

गिरिडीह: जिले के पचम्बा थाना क्षेत्र में इन दिनों भूमाफियाओं का आतंक चरम पर पहुंचता दिखाई दे रहा है. स्थानीय लोगों का...

गिरिडीह: जिले के पचम्बा थाना क्षेत्र में इन दिनों भूमाफियाओं का आतंक चरम पर पहुंचता दिखाई दे रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि संगठित रूप से सक्रिय ये भूमाफिया पहले राजनीतिक संरक्षण हासिल करते हैं और फिर प्रशासनिक तंत्र पर दबाव बनाकर गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों की जमीनों को निशाना बनाते हैं.

सुनियोजित तरीके से कब्जे का आरोप

बताया जा रहा है कि इन माफियाओं का तरीका बेहद सुनियोजित होता है. पहले जमीन की पहचान की जाती है, फिर उस पर दावा ठोकते हुए दबंगों के साथ पहुंचकर विवाद खड़ा किया जाता है. विरोध करने पर जमीन मालिकों को धमकाया जाता है, मारपीट की जाती है और अंततः डर का माहौल बनाकर जमीन को औने-पौने दामों में खरीद लिया जाता है.

हंडाडीह गांव से सामने आया मामला

इसी कड़ी में पचम्बा थाना क्षेत्र के हंडाडीह गांव से एक ताजा मामला सामने आया है, जिसने इलाके में दहशत फैला दी है. हंडाडीह निवासी दिनेश गुप्ता ने पचम्बा थाना में लिखित आवेदन देकर टिंकू साव, रवि पांडे (तिवारीडीह), महावीर रविदास, मुरली पांडेय और श्यामलाल दास सहित कई अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

Also Read: झारखंड HC ने 21 साल पुराने नरसंहार मामले में दो आरोपियों की फांसी की सजा रद्द की

दिनदहाड़े चारदीवारी तोड़ी, धमकी

पीड़ित के अनुसार, 17 मार्च को दिन के उजाले में सैकड़ों की संख्या में लोग उनके घर के पास पहुंचे और जबरन उनकी चारदीवारी को तोड़ना शुरू कर दिया. जब परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी. पीड़ित ने बताया कि उस समय घर में बुजुर्ग दंपति समेत पूरा परिवार मौजूद था, जो इस घटना से सहम गया.

जमीन के दस्तावेज का दावा

दिनेश गुप्ता ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि हांडाडीह मौजा के खाता संख्या 22, प्लॉट संख्या 632 में उन्होंने दो अलग-अलग डीड के माध्यम से करीब साढ़े पच्चीस डिसमिल जमीन विधिवत रजिस्ट्री कराई है. इस जमीन पर वे पिछले लगभग 20 वर्षों से मकान बनाकर रह रहे हैं. इसके अलावा बची हुई जमीन को भी उन्होंने चारदीवारी कर सुरक्षित किया था, जिसे अब तोड़ दिया गया है.

सीसीटीवी में कैद घटना

पीड़ित का दावा है कि पूरी घटना उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है, जिसमें स्पष्ट रूप से आरोपियों की गतिविधियां देखी जा सकती हैं. इसके बावजूद अब तक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं होना कई सवाल खड़े करता है.

लोगों में आक्रोश और डर

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दिनदहाड़े इस तरह की घटनाएं होती रहें और पुलिस समय पर कार्रवाई न करे, तो आम नागरिकों का कानून व्यवस्था से भरोसा उठना स्वाभाविक है. क्षेत्र में इस घटना के बाद भय और आक्रोश दोनों का माहौल है.

एसपी से शिकायत की चेतावनी

दिनेश गुप्ता ने स्पष्ट कहा है कि यदि उनकी शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है, तो वे इस मामले को गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के समक्ष उठाएंगे और न्याय की गुहार लगाएंगे.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *