हजारीबाग: शहर में इन दिनों गैस की किल्लत ने लाज और हास्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले हजारों छात्रों की परेशानी बढ़ा दी है. हजारीबाग जिले में विभिन्न स्कूल और कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब दस हजार से अधिक छात्र शहर के अलग-अलग लॉज और हॉस्टलों में रहकर अपनी पढ़ाई करते हैं। हाल के दिनों में छोटे सिलिंडरों में गैस नहीं मिलने के कारण छात्रों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है. गैस की कमी के कारण कई छात्र अपने कमरे में खाना नहीं बना पा रहे हैं और उन्हें बाहर के होटल या रेस्टोरेंट का सहारा लेना पड़ रहा है. दरअसल, लॉज और हास्टलों में रहने वाले अधिकतर छात्र छोटे सिलिंडर का उपयोग करते हैं. ये छात्र पहले आसपास के छोटे दुकानदारों से सिलिंडर में गैस भरवा लेते थे, लेकिन हाल के दिनों में छोटे दुकानदारों के यहां गैस भरना बंद हो गया है. इसके कारण छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गैस नहीं मिलने की वजह से कई छात्र सुबह-शाम भोजन की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं. मजबूरी में उन्हें शहर के होटल और रेस्टोरेंट का सहारा लेना पड़ रहा है, लेकिन वहां भी स्थिति सामान्य नहीं है. गैस की किल्लत का असर होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर भी पड़ रहा है. कई जगहों पर भोजन की कीमतें बढ़ गई हैं और छात्रों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. कई बार पर्याप्त भोजन भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. छात्रों का कहना है कि वे सीमित खर्च में पढ़ाई करने के लिए घर से दूर लाज या हॉस्टल में रहते हैं और खुद ही खाना बनाकर अपना खर्च नियंत्रित करते हैं, लेकिन गैस नहीं मिलने से उनकी पूरी व्यवस्था बिगड़ गई है, कई छात्रों ने बताया कि लगातार होटल का खाना खाना न तो आर्थिक रूप से संभव है और न ही स्वास्थ्य के लिए सही है. गैस संकट का असर अब छात्रों की पढ़ाई पर भी दिखने लगा है. इन दिनों कई में स्कूलों और कॉलेजों परीक्षाओं का समय चल रहा है. छात्रों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस की व्यवस्था नहीं हुई तो और भी छात्रों को घर लौटना पड़ सकता है. शहर के कई लॉज और हास्टल संचालकों का कहना है कि गैस संकट के कारण उनकी भी परेशानी बढ़ गई है, यदि यही स्थिति बनी रही तो कई लाज और हास्टल बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं. छात्रों और अभिभावकों ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. उनका कहना है कि हजारीबाग एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है, जहां आसपास के कई जिलों और राज्यों से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं. छात्रों ने मांग की है कि लाज और हास्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए छोटे सिलिंडरों में गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य हो सके और वे बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें.


