SAURAV SINGH

रांची: देश की अग्रणी कोयला खनन कंपनी ‘सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड’ (सीसीएल) इन दिनों कोयला उत्पादन से ज्यादा भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर चर्चा में है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा पिछले एक साल में की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई ने कंपनी के भीतर फैले रिश्वतखोरी के तंत्र को बेनकाब कर दिया है. आंकड़ों का विश्लेषण करें तो स्थिति चौंकाने वाली है.पिछले 15 महीनों में भ्रष्टाचार के नौ बड़े मामले सामने आए हैं, जिसका अर्थ है कि औसतन हर दूसरे महीने सीसीएल का कोई न कोई अधिकारी या कर्मचारी सीबीआई के शिकंजे में फंस रहा है.
चपरासी से लेकर जीएम यूनिट तक जांच के घेरे में:
सीबीआई की कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि सीसीएल में भ्रष्टाचार किसी एक स्तर पर नहीं, बल्कि निचले स्तर के क्लर्क से लेकर जीएम कार्यालय तक फैला हुआ है.
चाहे वह मृतक कर्मचारी के आश्रित की अनुकंपा नियुक्ति हो, सेवानिवृत्ति के बकाये का भुगतान हो, या फिर कोयला उठाव की अनुमति देना, हर काम के लिए रेट कार्ड फिक्स नजर आता है.
पिछले जाने सीसीएल में भ्रष्टाचार का मामले:
– 20 मार्च 2026: रांची में टेंडर मूल्य में हेराफेरी कर सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड को 29.60 लाख रुपये का चूना लगाने के मामले में सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा धनबाद ने 20 मार्च को प्राथमिकी दर्ज की है.जालसाजी का आरोप सीसीएल बोकारो के धोरी एरिया के महाप्रबंधक इकाई में कार्यरत वीरेंद्र हजाम पर लगा है. अब इस केस का अनुसंधान सीबीआई करेगी. केस के शिकायतकर्ता सीसीएल रांची के सीवीओ पंकज कुमार हैं. उन्होंने 25 जुलाई 2025 को ही इससे संबंधित शिकायत सीबीआई से की थी. उनकी शिकायत थी कि सीसीएल बोकारो के धोरी एरिया की जीएम इकाई में कार्यरत वीरेंद्र हजाम ने जानबूझकर ठेकेदारों को बताई गई बिड वैल्यू में हेराफेरी करके बिल आफ क्वांटिटी (बीओक्यू) और तुलनात्मक स्टेटमेंट में जालसाजी व बदलाव कर दिया.
– 06 नवंबर 2025 : सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी), रांची ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोल इंडिया लिमिटेड (सीसीएल) के एक अधिकारी को 50 हजार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. यह कार्रवाई खलारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सीसीएल एनके एरिया के डकरा परियोजना कार्यालय में हुई थी.
– 13 मई 2025 : सीबीआई, रांची ने सीसीएल के सेफ्टी ऑफिसर राजेंद्र प्रसाद को 10 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. वह सिरका कोलियरी में पदस्थापित थे. राजेंद्र प्रसाद ने एक कर्मी को आरोपों से मुक्त करने के लिए घूस की मांग की थी.
– 10 मई 2025 : सीबीआई रांची ने सीसीएल के दो कर्मचारी रमेश यादव और लोकेश कुमार को 30 हजार रुपए घूस लेते गिरफ्तार किया था. रमेश ने घूस की रकम लेने के बाद लोकेश को दी थी, इसलिए सीबीआई ने उसे भी गिरफ्तार किया था. दोनों ने सेवानिवृति से जुड़े मामले के निपटान के लिए घूस की मांग की थी.
– 06 मार्च 2025 : सीबीआई को सीसीएल के गिद्दी-ए और अरगड्डा कोलियारी में औचक निरीक्षण के दौरान सुरक्षा अधिकारी सहित तीन लोगों के पास से 10 लाख रुपये के अवैध लेन देन के सबूत मिले थे.
– 08 अक्टूबर 2024 : सीबीआई धनबाद की टीम ने सीसीएल कथारा वाशरी में कार्यरत कार्मिक विभाग के क्लर्क सुरेश ठाकुर को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. सुरेश ठाकुर पर सेवानिवृत्त कर्मचारी गोपीनाथ मांझी से पेय प्रोटेक्शन एरियर का भुगतान करने के बदले रिश्वत मांगने आरोप था.
– 19 मार्च 2024 : सीबीआई की टीम ने आम्रपाली और मगध कोल परियोजना में कैंटीन मैनेजर अशोक राम और जेई रामभज्जू को ठेकेदार से रंगे हाथ घूस लेते गिरफ्तार किया था.
– 03 अप्रैल 2024 : सीबीआई की टीम ने आम्रपाली परियोजना, चतरा के डिस्पैच अधिकारी समेत दो को 50 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था. इनके पास से दस्तावेज भी बरामद किये गये थे. डिस्पैच अधिकारी ने कोयला उठाव की अनुमति देने के लिए घूस की मांग की थी.
– 04 अप्रैल 2024 : आम्रपाली कोल परियोजना, चतरा में कोयला उठाव के नाम पर प्रति टन आठ रुपये की अवैध वसूली का मामला सामने आया था. पैसा दिये बिना कोई भी डीओ होल्डर कोयला का उठाव नहीं कर सकता था. इसकी शिकायत मिलने पर आम्रपाली परियोजना में सीबीआई ने छापेमारी की थी और डिस्पैच अधिकारी सुधांशु कुमार शर्मा व क्लर्क जीतेन गंझू को 50 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था.

