रांची/दिल्ली:हजारीबाग जिले में विनय चौबे के डीसी रहते हुए सेवायत भूमि की अवैध ढंग से खरीद-बिक्री में शामिल होने के आरोपों में जेल में बंद सुधीर कुमार सिंह की जमानत याचिका और विजय प्रताप की अग्रिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ ने दोनों आरोपियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें उक्त मामले में जमानत की सुविधा प्रदान कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को देश नहीं छोड़ने और गवाहों को प्रभावित नहीं करने की शर्त पर बेल दी है. इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने 6 जनवरी को उक्त आरोपियों को इस मामले में बेल देने से इनकार कर दिया था और उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है. आरोपियों ने जिस मामले में सुप्रीम कोर्ट से बेल मांगी है उस मामले में पिछले वर्ष अगस्त महीने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. एसीबी ने इस संबंध में कांड संख्या 9/2025 दर्ज की है. इस केस में एसीबी ने विनय चौबे समेत अन्य के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर दी है.
SC ने देश नहीं छोड़ने और गवाहों से दूर रहने की शर्त पर दी लैंड स्कैम के आरोपियों को बेल
रांची/दिल्ली:हजारीबाग जिले में विनय चौबे के डीसी रहते हुए सेवायत भूमि की अवैध ढंग से खरीद-बिक्री में शामिल होने के आरोपों में...
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