Click Here
Click Here
Click Here

झारखंड CID की कार्रवाई: रांची से डिजिटल अरेस्ट गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, 11 राज्यों में फैला था ठगी का जाल

रांची: झारखंड पुलिस के अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) अंतर्गत साइबर अपराध थाना को साइबर ठगों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान...

रांची: झारखंड पुलिस के अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) अंतर्गत साइबर अपराध थाना को साइबर ठगों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान में एक सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए देशभर के निर्दोष लोगों को अपना शिकार बनाने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को रांची से गिरफ्तार किया है.

HDFC बैंक की शिकायत पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी:

यह कार्रवाई एचडीएफसी बैंक द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर की गई है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. जांच के दौरान यह पाया गया कि ‘Manish Furnishing Company’ के नाम से एक फर्जी (म्यूल) बैंक खाता खोला गया था, जिसका इस्तेमाल ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया जा रहा था.

11 डिजिटल अरेस्ट मामलों से जुड़े हैं तार:

पकड़े गए आरोपी की पहचान विवेक नारसरिया (निवासी: अरगोड़ा, रांची) के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से कांड में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कई अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं. शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने विभिन्न राज्यों में कम से कम 11 डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड की घटनाओं को अंजाम दिया है. साइबर अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ितों को वीडियो कॉल करते थे. वे पीड़ितों को डराते थे कि उनके नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग या ड्रग्स तस्करी का मामला दर्ज हुआ है. उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर घंटों वीडियो कॉल पर बंधक जैसी स्थिति में रखा जाता था. तथाकथित वेरिफिकेशन के नाम पर पीड़ितों को डरा-धमकाकर म्यूल बैंक खातों में मोटी रकम ट्रांसफर कराई जाती थी.

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *