Ranchi: झारखंड की विकास गाथा को नई दिशा देते हुए हेमंत कैबिनेट ने गुरुवार को एक साथ कई ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णयों पर अपनी मुहर लगाई है. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े कुल 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इन फैसलों में सबसे फैसला ‘रिम्स-2’ की स्थापना का बजट रहा.
रिम्स-2 से बदलेगी चिकित्सा व्यवस्था
राज्य सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा निवेश करने का निर्णय लिया है. रांची में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ‘रिम्स-2’ की स्थापना के लिए 41 अरब 89 करोड़ 41 लाख 26 हजार 604 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. यह परियोजना न केवल राज्य के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि चिकित्सा के क्षेत्र में झारखंड को एक नए हब के रूप में स्थापित करेगी. इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए ‘जागृति पीएमयू’ के गठन को भी हरी झंडी दी गई है. विशेषज्ञता के लिए IIM रांची को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में और XISS को ‘इम्पैक्ट असेसमेंट’ की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा, सदर अस्पतालों में इंटर्नशिप कर रहे विदेशी छात्रों के लिए स्टाइफंड को अनिवार्य कर दिया गया है. साथ ही, लंबे समय से कर्तव्य से अनुपस्थित चल रहे चाईबासा के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशिकांत प्रसाद को सेवा से बर्खास्त करने का कड़ा निर्णय भी लिया गया है.

प्रशासनिक फेरबदल: 164 प्रखंडों में तैनात होंगे बीडीओ-सीओ
राज्य के सुदूर अंचलों में सुशासन और विकास कार्यों की गति तेज करने के लिए सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को पुनर्गठित किया है. कैबिनेट ने राज्य सेवा के 271 प्रशासनिक पदों को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. इसके तहत अब 164 प्रखंडों व अंचलों में बीडीओ और सीओ दोनों की तैनाती की जाएगी. इसके अतिरिक्त, 53 पदों पर केवल सीओ और 54 पदों पर केवल बीडीओ का पदस्थापन होगा. इस कदम का सीधा असर जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान पर पड़ेगा.
‘वीबी ग्रामजी’ योजना को हरी झंडी
झारखंड के विकास में आदिवासी समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘वीबी ग्रामजी’ योजना को स्वीकृति दी गई है. इस योजना के तहत पीवीजीटी (आदिम जनजाति समूह) समूहों के लिए अतिरिक्त रोजगार के अवसर सृजित कराया जाएगा. यह निर्णय राज्य के सबसे कमजोर और हाशिए पर खड़े समुदायों के आर्थिक उत्थान में मील का पत्थर साबित होगा.
शपथ, सेवा और संवर्धन: प्रशासनिक नवाचार
सरकार ने अब सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और निष्ठा को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है.अब राज्य में नवनियुक्त सरकारी सेवकों के लिए पदभार ग्रहण करते समय निष्ठा और गोपनीयता की शपथ लेना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके साथ ही, कैबिनेट ने विभागीय प्रोन्नति समिति के सिद्धांत और कार्यप्रणाली में संशोधन, ‘झारखंड राज्य समाहरणालय लिपिक संवर्ग नियमावली 2026’ और ‘झारखंड राज्य निम्न वर्गीय लिपिक सह कंप्यूटर संचालन सेवा संवर्ग नियमावली 2026’ के गठन को मंजूरी देकर प्रशासनिक सेवा में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया है.
जल प्रबंधन और आधारभूत संरचना: सड़कों से संवरेगा झारखंड
राज्य सरकार ने जल बंटवारे को लेकर भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. बाणसागर परियोजना के तहत सोन नदी बेसिन के 75.75 MAF जल के बंटवारे के लिए बिहार और झारखंड के बीच एकरारनामा (समझौता) करने को मंजूरी दी गई है.
• गोविंदपुर-साहिबगंज रोड: 51.93 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण के लिए 221 करोड़ 41 लाख 21 हजार रुपये आवंटित.
• पाकुड़ खारूटोला लिंक पथ: इसके निर्माण के लिए 128 करोड़ 20 लाख रुपये की स्वीकृति.
• साहिबगंज में पालाडीह-भोगनाडीह सड़क: 3.25 किलोमीटर सड़क के लिए 88 करोड़ 84 लाख रुपये मंजूर.
• रांची का कायाकल्प: बिरसा चौक, धुर्वा गोल चक्कर भाया चांदनी चौक तक 2.69 किलोमीटर सड़क के लिए 36 करोड़ 30 लाख रुपये स्वीकृत.
• सिमरिया-टंडवा रोड: राइडिंग क्वालिटी में सुधार के लिए 33 करोड़ 76 लाख रुपये की मंजूरी.
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट ने इन बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ कई अन्य जन-कल्याणकारी निर्णय भी लिए हैं, जिनमें श्रावणी मेला के दौरान विधि व्यवस्था के लिए 28 अस्थायी ओपी और 19 अस्थायी यातायात ओपी का गठन, नई दिल्ली में 8-9 जुलाई को नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन 2026 का आयोजन और चंदनक्यारी (बोकारो) में पेबया ऋषिकेश विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए लेटर ऑफ इंटेंट जारी करना शामिल है.
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