Bokaro : जैनामोड़ स्थित स्किल ट्रेनिंग सेंटर में कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के हस्तशिल्प सेवा केंद्र, देवघर द्वारा कढ़ाई शिल्प से जुड़े हस्तशिल्पियों के लिए ‘चौपाल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य हस्तशिल्पियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें इन योजनाओं से जोड़ने के लिए जागरूक करना था. चौपाल के दौरान शिल्पी पहचान पत्र (आर्टिजन कार्ड), कौशल प्रशिक्षण, गांधी शिल्प बाजार, स्वयं सहायता समूह, ई-कॉमर्स पोर्टल, प्रधानमंत्री बीमा योजना, मुद्रा लोन सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई. साथ ही सभी पात्र कारीगरों का आर्टिजन कार्ड बनाने की प्रक्रिया और उससे मिलने वाले लाभों पर भी विस्तार से चर्चा की गई. हस्तशिल्प सेवा केंद्र, देवघर के प्रभारी एवं विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) शत्रुघ्न कुमार ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए हस्तशिल्पियों से विभाग की ओर से आयोजित मार्केटिंग इवेंट्स एवं अन्य कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की. उन्होंने बताया कि कारीगरों को बैंकिंग सेवाओं के साथ-साथ मुद्रा लोन तथा विशेष सब्सिडी जैसी सुविधाओं का भी लाभ मिल सकता है.
120 हस्तशिल्पियों ने लिया प्रशिक्षण, आर्टिजन कार्ड की उपयोगिता पर हुई चर्चा
कारीगरों के लिए कार्यरत संस्था सहयोगिनी के निदेशक गौतम सागर ने आर्टिजन कार्ड की उपयोगिता और उससे मिलने वाले सरकारी लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. जिला उद्योग केंद्र, बोकारो तथा मुख्यमंत्री लघु कुटीर एवं उद्यम विकास बोर्ड के समन्वयक किशोर रजक ने विशेष रूप से महिला हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि महिलाओं की आर्थिक प्रगति से पंचायत और समाज दोनों का विकास होगा. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार हस्तशिल्पियों के उत्थान के लिए कई लाभकारी योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए. कार्यक्रम में स्किल सेंटर के रवींद्र कुमार, धीरज कुमार, अप्पू प्रजापति, गीतांजलि कुमारी, मुख्यमंत्री लघु कुटीर एवं उद्यम विकास बोर्ड के प्रखंड उद्यमी समन्वयक संजय दास, गौरव कुमार, एमटीएस सहित करीब 120 हस्तशिल्पियों ने भाग लिया.

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