रांचीः झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सरकार ने कई अहम मुद्दों पर सदन में स्थिति स्पष्ट की. संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने एटीआर पेश करते हुए बताया कि राज्य में घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक परिसरों में लगाए गए स्मार्ट मीटरों की नियमित रूप से रैंडर आधार पर जांच की जा रही है.

किसी भी मीटर में कोई त्रुटि नहीं पाई गई
उन्होंने कहा कि जहां भी शिकायत मिलती है, वहां झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग से स्वीकृत थर्ड पार्टी टेस्टिंग एजेंसियों की सूची में से चयनित एजेंसी द्वारा ऑन-साइट जांच कराई जाती है. अब तक कुल 30521 स्मार्ट मीटरों की ऑन-साइट जांच की जा चुकी है. जांच के दौरान किसी भी मीटर में ऐसी कोई त्रुटि नहीं पाई गई है, जिससे बिजली बिल में अनियमित या असामान्य बढ़ोतरी हुई हो. सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और पारदर्शिता के साथ जांच प्रक्रिया जारी है.
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत डीलर कमीशन भुगतान
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभुकों को जनवितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है. खाद्यान्न की आपूर्ति भारत सरकार द्वारा निःशुल्क की जाती है, जबकि उसके उठाव, परिवहन और डीलर कमीशन का भुगतान केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत किया जाता है.

