BJP के ‘बेटी बचाओ’ नारे पर कांग्रेस का वार: 44 दागी नेताओं को संरक्षण दे रही है मोदी सरकार

रांची: महिला सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र और विभिन्न राज्यों की भाजपा सरकारों को घेरते हुए झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष...

रांची: महिला सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र और विभिन्न राज्यों की भाजपा सरकारों को घेरते हुए झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रमा खलखो ने गंभीर आरोप लगाए हैं. रांची स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि भाजपा के 44 सांसदों और विधायकों पर दुष्कर्म एवं यौन उत्पीड़न जैसे संगीन मामले दर्ज हैं, लेकिन पार्टी कार्रवाई के बजाय उन्हें राजनीतिक कवच प्रदान कर रही है. उन्होंने सुब्रमण्यम स्वामी के आरोपों, जेफरी एपस्टीन फाइल्स में हरदीप पुरी के नाम के उल्लेख और महाराष्ट्र में अशोक खरात मामले का हवाला देते हुए पूछा कि आखिर उच्च स्तर पर बैठे लोगों की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही है?

अपराध का एक तय पैटर्न

रमा खलखो ने देश के विभिन्न राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि गोवा से लेकर उत्तराखंड और महाराष्ट्र तक एक ही ‘पैटर्न’ दिखाई देता है. भाजपा नेताओं पर आरोप लगते ही सरकारी मशीनरी उन्हें बचाने में जुट जाती है. उन्होंने विशेष रूप से नाबालिगों से जुड़े मामलों में हो रही देरी को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया. वाराणसी में पिछले एक साल में महिलाओं के विरुद्ध 1686 मामले दर्ज हुए हैं. यहां हर 15 दिन में एक दुष्कर्म की घटना हो रही है. यह आंकड़ा भाजपा की डबल इंजन सरकार की विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है.

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इन घटनाओं का किया जिक्र

• गोवा कांड: भाजपा पार्षद सुशांत नायक के बेटे पर 20-30 नाबालिगों के उत्पीड़न का आरोप लगाया और पूछा कि 3 साल तक ‘डबल इंजन’ सरकार खामोश क्यों रही?

• अंकिता भंडारी हत्याकांड: उत्तराखंड के इस चर्चित मामले में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम का नाम आने और जांच को दबाने का आरोप लगाया.

• बृजभूषण और प्रज्वल रेवन्ना: महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले और कर्नाटक के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पक्ष में प्रधानमंत्री द्वारा वोट मांगने पर तीखा सवाल खड़ा किया.

• दोषियों को संरक्षण: हरियाणा में संदीप सिंह मामले और जेल में बंद गुरमीत राम रहीम को बार-बार मिल रही ‘पैरोल’ को चुनावी फायदे से जोड़ा.

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