धनबाद: डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों और ठगी के नित नए तरीकों से निपटने के लिए पुलिस अब और भी हाईटेक होने जा रही है. सोमवार को समाहरणालय स्थित पुलिस मुख्यालय में साइबर अपराध के विरुद्ध एक निर्णायक कदम उठाते हुए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया गया.
इस सत्र का मुख्य उद्देश्य पुलिस पदाधिकारियों को आधुनिक तकनीकी जांच में माहिर बनाना और साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए तैयार करना है.
एसएसपी ने किया उद्घाटन: टीम को दी मुस्तैदी की नसीहत
कार्यक्रम का उद्घाटन एसएसपी प्रभात कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया. उद्घाटन के दौरान एसएसपी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में अपराधी शारीरिक हिंसा से ज्यादा डिजिटल सेंधमारी कर रहे हैं, जिससे निपटने के लिए पुलिस का अपडेट रहना अनिवार्य है.
विशेषज्ञ की चेतावनी: एक APK फाइल और अकाउंट साफ
प्रशिक्षण के पहले दिन विशेषज्ञ प्रशिक्षक सुयश भारती ने दो पालियों में पुलिस पदाधिकारियों को एपीके स्कैम की बारीकियों से रूबरू कराया. उन्होंने बताया कि कैसे अपराधी आज बिना बैंक गए लोगों की जमापूंजी लूट रहे हैं.यह एक फाइल फॉर्मेट है जिसका इस्तेमाल ऐप्स इंस्टॉल करने के लिए होता है. अपराधी ‘KYC अपडेट’, ‘लॉटरी’, ‘सरकारी योजना’ या ‘कूरियर सर्विस’ के नाम पर फर्जी ऐप्स की लिंक WhatsApp या SMS के जरिए भेजते हैं।
पूर्ण नियंत्रण: जैसे ही यूजर इसे इंस्टॉल करता है, अपराधी के पास फोन का पूरा रिमोट एक्सेस चला जाता है.
