बुंडू : मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर प्रशासन अलर्ट, घर-घर लगेगा बीएलओ स्टीकर और मिलेगा नोशनल हाउस नंबर

Bundu: आगामी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर बुंडू अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. सोमवार को...

Bundu: आगामी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर बुंडू अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. सोमवार को अनुमंडल कार्यालय, बुंडू के सभागार में अनुमंडल पदाधिकारी सह निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी किस्टो कुमार बेसरा की अध्यक्षता में निर्वाचन कार्य से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में सभी बीएलओ सुपरवाइजर, बुंडू एवं तमाड़ के सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी उपस्थित रहे. बैठक में मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से कई अहम निर्देश जारी किए गए. अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में चल रहे मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि एक ही घर में रहने वाले सभी मतदाताओं का मतदान केंद्र एक ही स्थान पर हो, ताकि मतदान के दिन लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

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घर-घर पहुंचेगी बीएलओ की जानकारी

प्रशासन ने आगामी गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत प्रत्येक मतदाता के घर तक बीएलओ की जानकारी पहुंचाने का निर्णय लिया है. इसके लिए हर घर पर बीएलओ संबंधी स्टीकर लगाए जाएंगे, जिसमें संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ का विवरण दर्ज रहेगा. इससे मतदाताओं को अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क करने में काफी सुविधा मिलेगी.

बिना हाउस नंबर वाले घरों को मिलेगा नोशनल नंबर

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जिन मकानों पर पहले से हाउस नंबर अंकित नहीं है, उन्हें स्थानीय बीएलओ द्वारा नोशनल नंबर देकर चिन्हित किया जाएगा. इसके लिए विशेष स्टीकर लगाए जाएंगे, जिससे मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान किसी भी घर या मतदाता का नाम छूटने की संभावना कम हो सके. अनुमंडल पदाधिकारी किस्टो कुमार बेसरा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि यह कार्य पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आगामी चुनाव प्रक्रिया के लिए सटीक और अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जा सके.

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नोशनल नंबर क्या है?

जब बीएलओ (BLO – Booth Level Officer) सर्वे या वेरिफिकेशन करते हैं और उन्हें कोई ऐसा मतदाता मिलता है जिसका घर का नंबर (House Number) सरकारी रिकॉर्ड या वार्ड मैप में मौजूद नहीं है, तो वे उसे एक अस्थाई या काल्पनिक नंबर दे देते हैं. इसी को ‘नोशनल नंबर’ कहते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य उस मतदाता को पहचान देना और उसे वोटर लिस्ट में सही स्थान पर व्यवस्थित करना होता है.

यह कब दिया जाता है?

नए घर: यदि किसी इलाके में नए घर बने हैं जिन्हें अभी तक नगर निगम या पंचायत से हाउस नंबर नहीं मिला है.
बिना नंबर वाली बस्तियां: झुग्गी-झोपड़ी या ऐसे क्षेत्र जहाँ घरों की नंबरिंग व्यवस्थित नहीं है.
सुधार कार्य: वोटर लिस्ट को अपडेट करते समय अगर किसी का पता अधूरा पाया जाता है.

इसका लाभ क्या है?

सटीक पहचान: इससे मतदाता की भौगोलिक स्थिति (कि वह किस गली या मोड़ पर रहता है) की पहचान करना आसान हो जाता है.
वोटर लिस्ट में क्रम: यह सुनिश्चित करता है कि वोटर लिस्ट में मतदाताओं का नाम उनके पड़ोसियों के साथ ही रहे, ताकि मतदान केंद्र पर कोई भ्रम न हो.

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