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गिरिडीह में गैस संकट गहराया, KYC के नाम पर अवैध वसूली से उपभोक्ता परेशान

Giridih: गिरिडीह जिले में घरेलू गैस की भारी किल्लत ने आमलोगों की परेशानी बढ़ा दी है. खासकर जमुआ प्रखंड स्थित नीलकंठ इंडेन...

Giridih: गिरिडीह जिले में घरेलू गैस की भारी किल्लत ने आमलोगों की परेशानी बढ़ा दी है. खासकर जमुआ प्रखंड स्थित नीलकंठ इंडेन ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी के बाहर हर रोज सुबह से ही गैस उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं. घंटों इंतजार के बावजूद कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, जिले के कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित है. ऐसे में जमुआ स्थित इस गैस एजेंसी पर दबाव काफी बढ़ गया है. दूर-दराज के गांवों से लोग सुबह-सुबह ही पहुंचकर लाइन में लग जाते हैं, लेकिन सीमित स्टॉक के कारण सभी को गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है.

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KYC के नाम पर वसूले जा रहे पैसे

इसी बीच उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि गैस एजेंसी संचालक द्वारा केवाईसी अपडेट के नाम पर 300 से 400 रुपये तक की वसूली की जा रही है. जबकि सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है. इसके बावजूद लाभुकों से जबरन पैसे लिए जाने की बात सामने आ रही है. लाभुकों का कहना है कि गैस लेने के लिए पहले उन्हें लंबी कतार में घंटों खड़ा रहना पड़ता है, और जब उनकी बारी आती है तो उनसे केवाईसी अपडेट कराने का दबाव बनाया जाता है. पैसे नहीं देने पर गैस देने से मना कर दिया जाता है. ऐसे में मजबूरीवश लोग पैसे देने को विवश हैं. बबिता देवी ने कहा- “सुबह 6 बजे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन अभी तक गैस नहीं मिला. ऊपर से 300-400 रुपये केवाईसी के नाम पर मांगा जा रहा है. हम गरीब लोग इतना पैसा कहां से दें?”

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मनमानी पर लगाम लगाने की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की वसूली से एजेंसी द्वारा लाखों रुपये का अवैध संग्रह किया जा रहा है. अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच हो, तो बड़ा खुलासा हो सकता है. वहीं गैस की किल्लत ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है. फिलहाल, गैस की कमी और केवाईसी के नाम पर कथित वसूली से परेशान लोग प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें राहत मिल सके और इस तरह की मनमानी पर रोक लगाई जा सके.

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