हजारीबाग: बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच विष्णुगढ़ दुष्कर्म मामले में पुलिस ने एक दर्जन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है. एसपी ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी हिरासत में लिए गए लोग संदिग्ध हैं और फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. इनसे उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ की जा रही है. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जनता पुलिस पर विश्वास बनाए रखे और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा.
आठ दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, आक्रोश बढ़ा
गौरतलब है कि विष्णुगढ़ की इस घटना को लेकर पूरे राज्य में आक्रोश का माहौल है. घटना को आठ दिन बीत जाने के बावजूद अब तक पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है.
राजनीतिक हलचल तेज, विपक्ष का आंदोलन
मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ गई है. भाजपा ने एक दिन का बंद बुलाया था और अब 2 अप्रैल को पूरे प्रदेश में मशाल जुलूस तथा 3 अप्रैल को प्रदेश बंद का आह्वान किया गया है. इससे प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है.
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एसआईटी गठित, जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशिक्षु आईपीएस के नेतृत्व में डीजीपी स्तर से एसआईटी का गठन किया गया है. टीम पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है.
हाईकोर्ट की निगरानी, अधिकारियों से जवाब तलब
इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने पहले ही नाराजगी जताते हुए गृह सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी किया है. एसपी भी हाईकोर्ट के समक्ष वर्चुअल रूप से उपस्थित हो चुके हैं. अब अगली सुनवाई चीफ जस्टिस की बेंच में होगी.
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
इसी बीच सरकार की सहयोगी कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है.
