Chaibasa: चाईबासा के हरिगुटू स्थित आदिवासी हो समाज महासभा कला संस्कृति भवन में पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ चम्पिया की अध्यक्षता में हो समाज के बुद्धिजीवियों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर जन संवाद एवं चर्चा-परिचर्चा की गई. उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि यदि नए परिसीमन में अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित सीटों की संख्या घटाई जाती है तो इसका विरोध किया जाएगा. बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राज्य में संभावित परिसीमन के तहत विधानसभा की एसटी आरक्षित सीटों की संख्या 28 से घटाकर 22 किए जाने की चर्चा है, जिससे आदिवासी समाज में चिंता बढ़ी है. उनका कहना था कि सीटों में कमी आने से आदिवासी समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
जनगणना से पहले परिसीमन नहीं होने का दावा
हो समाज महासभा युवा महासभा के केंद्रीय महासचिव गब्बर सिंह हेम्ब्रम ने कहा कि अभी जनगणना पूरी नहीं हुई है. ऐसे में परिसीमन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि जब तक जनगणना पूरी नहीं हो जाती, तब तक परिसीमन नहीं होगा. इसलिए समाज के लोगों को संयम बनाए रखने की जरूरत है. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रस्तावित परिसीमन के मुद्दे पर एक संयोजक मंडली का गठन कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर विरोध दर्ज कराया जाएगा.

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बैठक में पूर्व सांसद चित्रसेन सिंकू, पूर्व विधायक देवेंद्र नाथ चम्पिया, सन्नी सिंकू, समाजसेवी सुरेश सोय और माधव चंद्र कुंकल ने अपने विचार रखे. कार्यक्रम का संचालन युवा समाजसेवी रेयंस सामड ने किया. इस अवसर पर सुषमा देवगम, चंद्र मोहन बिरूवा, माधव चंद्र कुंकल, कैरा बिरूवा, गब्बर सिंह हेम्ब्रम सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे.
