रांची: सहकारिता बैंक में पिछले नौ महीनों से जारी नेतृत्व का शून्य अब जल्द ही समाप्त होने की उम्मीद है. बैंक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने खाली पड़े मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद को भरने के लिए तीन अनुभवी बैंकिंग दिग्गजों के पैनल को भारतीय रिजर्व बैंक को भेज दिया है. बोर्ड की इस सक्रियता के बाद अब गेंद रिजर्व बैंक के पाले में है, जिसकी हरी झंडी मिलते ही बैंक में ठप पड़े नीतिगत फैसलों को फिर से गति मिल सकेगी.
अनुभवी चेहरों पर बोर्ड का भरोसा
बोर्ड द्वारा भेजे गए पैनल में बैंकिंग क्षेत्र के उन अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो हाल ही में अपनी सेवाओं से मुक्त हुए हैं. इन नामों में प्रदीप कुमार लाल, राजेश वाजपेयी और संजेई वनर्जी का नाम शामिल है.
नीतिगत फैसलों पर लगा था ब्रेक
सहकारिता बैंक में सीईओ का महत्वपूर्ण पद पिछले नौ माह से रिक्त चल रहा है. इस शीर्ष पद के खाली होने के कारण बैंक के कई बड़े और नीतिगत निर्णय अधर में लटके हुए हैं. बैंक बोर्ड की ओर से नाम भेजे जाने के बाद अब बैंकिंग गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है, कि RBI जल्द ही इनमें से किसी एक नाम पर अपनी अंतिम सहमति दे सकता है. नए सीईओ की नियुक्ति न केवल बैंक के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती देगी, बल्कि ग्राहकों और निवेशकों के बीच बैंक की साख को भी नया बल मिलेगा.
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