IOS ‘सागर’ मिशन की शुरुआत, समुद्री सुरक्षा में भारत की बड़ी पहल

मुंबई : क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भारतीय नौसेना ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है....

मुंबई : क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भारतीय नौसेना ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अपतटीय गश्ती पोत आईएनएस सुनयना ने 2 अप्रैल 2026 को इंडियन ओशन शिप ‘सागर’ के रूप में अपनी यात्रा शुरू की. रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी की उपस्थिति में इस मिशन को झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अभियान में भारतीय नौसेना के साथ 16 मित्र देशों की समुद्री सेनाओं के सदस्य भी शामिल हैं.

Also Read : मोदी सरकार की तारीफ : पश्चिम एशिया संकट पर आनंद शर्मा ने केंद्र सरकार की प्रशंसा की, कहा- संतुलित कूटनीति

‘महासागर’ विजन को मिलेगा बल


रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि IOS सागर पहल भारत के ‘साझेदारी के माध्यम से नेतृत्व, एकता के माध्यम से शक्ति और शांति के माध्यम से प्रगति’ के दृष्टिकोण को दर्शाती है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘महासागर’ विजन का जिक्र करते हुए कहा कि यह मिशन क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत करेगा. उन्होंने बताया कि यह पहल प्रशिक्षण, सहयोग और सामूहिक सुरक्षा के लिए एक साझा मंच प्रदान करती है.

Also Read :  नेगेटिव एनर्जी से छुटकारा चाहिए? अपनाएं नमक वाले पानी से नहाने का उपाय

 समुद्री चुनौतियों से निपटने पर फोकस


नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान समय में समुद्री क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा, अवैध मछली पकड़ने, समुद्री डकैती और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी चुनौतियां बढ़ रही हैं. ऐसे में एक सुरक्षित और खुले हिंद महासागर के लिए सहयोगात्मक प्रयास जरूरी हैं. उन्होंने कहा कि 16 देशों का एक साथ आना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

Also Read : रांची नगर निगम में मुफ्त स्वास्थ्य शिविर: 1500 से ज्यादा लोगों की जांच, सफाई मित्रों के स्वास्थ्य पर खास ध्यान

कई देशों के बंदरगाहों का करेगा दौरा


इस मिशन का हार्बर फेज 16 से 29 मार्च तक पूरा हो चुका है, जबकि सी फेज 2 अप्रैल से 20 मई 2026 तक चलेगा. इस दौरान जहाज कोलंबो, फुकेट, जकार्ता, सिंगापुर, चटगांव, यांगून और माले जैसे प्रमुख बंदरगाहों का दौरा करेगा और अंत में कोच्चि में इसका समापन होगा. इस अभियान के दौरान चालक दल को नेविगेशन, समुद्री सुरक्षा, अग्निशमन और अन्य महत्वपूर्ण कौशलों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *