गिरिडीह: जिले के तिसरी थाना क्षेत्र अंतर्गत चांदली गांव में लंबे समय से संचालित अवैध पत्थर खदान पर आखिरकार प्रशासन का डंडा चल ही गया. न्यूज वैभ में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और गुरुवार को वन विभाग, खनन विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया. छापेमारी के दौरान मौके से अवैध खनन में प्रयुक्त कई मशीनों को जब्त किया गया. जब्त की गई मशीनों में पानी टैंकर युक्त ट्रैक्टर, एक पोकलेन मशीन और एक कंप्रेसर मशीन शामिल हैं. अधिकारियों के पहुंचते ही खदान स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर व संबंधित लोग मौके से फरार हो गए.
बड़ी संख्या में अधिकारी एवं सुरक्षा बल थे मौजूद
इस संयुक्त कार्रवाई में गांवा रेंजर अनिल कुमार, तिसरी अंचलाधिकारी (सीओ) अखिलेश प्रसाद, तिसरी थाना के पुलिस पदाधिकारी, माइनिंग इंस्पेक्टर विश्वनाथ उरांव, प्रभारी वनकर्मी तथा वनरक्षी सुरेश महतो सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं सुरक्षा बल मौजूद थे. टीम ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर अवैध खनन के साक्ष्य जुटाए और मौके पर चल रही गतिविधियों को पूरी तरह बंद करा दिया.
प्रशासन ने की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू
जानकारी के अनुसार, चांदली क्षेत्र में यह अवैध पत्थर खदान काफी समय से संचालित हो रहा था, जिससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था. साथ ही, बिना सुरक्षा मानकों के खनन किए जाने से पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही थी. स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भी समय-समय पर इसकी शिकायत की जाती रही थी. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस अवैध खदान का संचालन पप्पू पासवान, मनोज यादव और जन्नत अंसारी द्वारा किया जा रहा था. प्रशासन ने इन सभी के खिलाफ खनन अधिनियम एवं वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
संबंधित लोगों की गिरफ्तारी को लेकर भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में कहीं भी अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आगे भी इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस पूरी कार्रवाई को न्यूज वैभ की खबर का बड़ा असर माना जा रहा है, जिसने एक बार फिर साबित किया है कि मीडिया की सजगता से प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ता है.
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