Ranchi: झारखंड में प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और दुर्व्यवहार के आरोप लगातार सामने आते रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कई अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई है. अकेले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई में पिछले एक वर्ष में दर्जनों अधिकारी और कर्मचारी रंगे हाथों पकड़े गए हैं, जिनमें राजस्व विभाग के सीओ और राजस्व उपनिरीक्षक सबसे ऊपर हैं. आइए जानते हैं किस अफसर पर क्या आरोप लगे हैं.
प्रमोद कुमार
कार्यालय आने वाले फरियादियों के साथ न केवल गाली-गलौज और अभद्र भाषा का प्रयोग करने, बल्कि उनके साथ मारपीट और धमकी देने के आरोप सामने आए हैं. पद की गरिमा को ताक पर रखकर कार्यालय अवधि के दौरान शराब का सेवन करने का भी गंभीर आरोप है. अवैध तरीके से पैसे के लेन-देन (रिश्वत) और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय की कमी का भी आरोप पत्र में उल्लेख है.
शैलेश कुमार
राज्य सरकार ने गहन जांच के बाद इनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. इन पर भ्रष्टाचार और सेवा नियमावली के उल्लंघन से जुड़े विभिन्न आरोप लगे हैं.
राजीव कुमार मिश्रा
इन्हें भी भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के बाद राज्य सरकार द्वारा कार्रवाई का सामना करना पड़ा. सरकार ने इनके विरुद्ध लगे आरोपों को सही पाते हुए दंड अधिरोपित किया है.
प्रभात कुमार
झारखंड प्रशासनिक सेवा के इस अधिकारी पर भी पद के दुरुपयोग और आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लगे थे, जिसके आलोक में कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर कार्रवाई की पुष्टि की है.
