Palamu: जीटेट नियमावली के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) पलामू के बैनर तले जोरदार आक्रोश प्रदर्शन किया गया. हिंदी, मगही और भोजपुरी भाषा को नियमावली में शामिल नहीं किए जाने के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भारत माता चौक से आक्रोश रैली निकाली, जो छहमुहान चौक पहुंचकर मानव श्रृंखला में बदल गई. इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और कार्यकर्ता शामिल हुए.
छात्रों के साथ सौतेला व्यवहार का आरोप
भाजपा जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि सरकार जानबूझकर पलामू के छात्रों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. जो भाषा यहां बोली ही नहीं जाती, उसे छात्रों पर थोपा जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मगही और भोजपुरी को क्षेत्रीय भाषा की सूची में शामिल नहीं किया गया, तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल
पाकी विधायक शशि भूषण मेहता और डालटनगंज विधायक आलोक चौरसिया ने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के सम्मान की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी. जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पलामू की जनभावनाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है.
स्थानीय भाषाओं की अनदेखी पर नाराजगी
भाजयुमो जिला अध्यक्ष विपुल गुप्ता और महापौर अरुणा शंकर ने भी सरकार के फैसले की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि पलामू में मगही और भोजपुरी का व्यापक प्रभाव है, इसके बावजूद इन्हें सूची से बाहर रखना यहां के युवाओं का अपमान है.
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बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व छात्र मौजूद
इस अवसर पर विभाकर नारायण पांडे, कृष्लय तिवारी, विजय आनंद पाठक, शिवकुमार मिश्रा, सुनील पासवान, अरविंद गुप्ता, साधु माझी, छोटू सिन्हा, अनुज पांडे, विजय ठाकुर, ज्योति पांडे, पप्पू गुप्ता, गुड्डू खान, लड्डू खान, श्वेतांग गर्ग, शुभम प्रसाद, विश्वजीत पाठक, सर्वन गुप्ता, प्रमोद रंजन, शंभू सिंह, श्याम जी चौधरी, विक्रम सिधनिया, जितेंद्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता व छात्र उपस्थित थे.
