तीन मजदूरों की बहाली को लेकर टीटीपीएस में बवाल, यूनियन का आंदोलन तेज

BERMO: तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड (टीटीपीएस) ललपनिया में कार्यरत मजदूरों की समस्याओं को लेकर शनिवार को एटक से संबद्ध ठेकेदार मजदूर यूनियन...

BERMO: तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड (टीटीपीएस) ललपनिया में कार्यरत मजदूरों की समस्याओं को लेकर शनिवार को एटक से संबद्ध ठेकेदार मजदूर यूनियन ने सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, बोकारो थर्मल पर डेरा डालो आंदोलन किया. यूनियन ने प्रबंधन पर पूर्व में हुई त्रिपक्षीय वार्ता के समझौतों को लागू न करने और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया.

तीन मजदूरों की बहाली को लेकर विवाद

आंदोलन का मुख्य कारण तीन मजदूरों रामनाथ महतो, धीरेन प्रसाद और प्रदीप कुमार को काम से हटाया जाना है. यूनियन का कहना है कि 11 फरवरी 2026 को हुई वार्ता में सहायक श्रमायुक्त रंजीत कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि जब तक इन मजदूरों की नियुक्ति और सेवामुक्ति से संबंधित वैध दस्तावेज प्रबंधन प्रस्तुत नहीं करता, तब तक इन्हें काम पर बहाल रखा जाए. इसके बावजूद प्रबंधन ने 1 जनवरी से ही इनके गेटपास पर रोक लगा दी है.

इसके अलावा यूनियन ने 10 सूत्री मांग पत्र पर कार्रवाई न होने, मजदूरों के एरियर भुगतान और ग्रेच्युटी की अवैध कटौती जैसे गंभीर मुद्दे भी उठाए. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे इफ्तेखार महमूद, मो. शाहजहां और देवानंद प्रजापति ने संयुक्त रूप से कहा कि टीटीपीएस प्रबंधन श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन कर रहा है.

60 वर्ष आयु पर हटाने से नाराजगी

उन्होंने आरोप लगाया कि सहायक श्रमायुक्त के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद टीटीपीएस प्रबंधन लिखित दस्तावेजों के बजाय मौखिक दलीलों का सहारा लेकर मजदूरों को बेरोजगार कर रहा है. झारखंड सेवा संहिता के प्रावधानों का गलत हवाला देकर 60 वर्ष की आयु के नाम पर अनुभवी मजदूरों को हटाया जा रहा है. मैनेजमेंट और उच्च अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा गरीब मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है.

सभा की अध्यक्षता कर रहे मोतेवुल रहमान ने कहा कि यदि प्रबंधन और श्रम विभाग ने जल्द ही समझौतों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा. यूनियन ने साफ कर दिया है कि जब तक हटाए गए मजदूरों को वापस काम पर नहीं लिया जाता और समझौतों को पूर्ण रूप से लागू नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.

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आंदोलन तेज करने की चेतावनी

दस्तावेजों के अनुसार पूर्व में हुई वार्ता में सहायक श्रमायुक्त ने प्रबंधन को फटकार लगाते हुए कहा था कि साइड इंचार्जों के स्तर पर हुई गड़बड़ी के कारण मजदूरों का हक नहीं मारा जा सकता. एएलसी ने प्रबंधन को निर्देश दिया था कि स्थिति स्पष्ट होने तक यथास्थिति बनाए रखी जाए, जिसका पालन टीटीपीएस प्रबंधन द्वारा नहीं किया गया.

इस अवसर पर बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित थे, जिन्होंने प्रबंधन विरोधी नारे लगाए और अपने हक के लिए डटे रहने का संकल्प लिया. बाद में आंदोलन स्थल पर आकर एएलसी ने आंदोलनकारियों एवं नेताओं को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को टीटीपीएस प्रबंधन के साथ वार्ता कर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा.

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