Ranchi: जनगणना 2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग अब तेज होती दिख रही है. इसी कड़ी में राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, झारखंड प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने आज राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा और OBC समुदाय की अलग गणना सुनिश्चित करने की मांग उठाई. प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में लोकभवन पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि देश की बड़ी आबादी OBC वर्ग से संबंधित है, लेकिन आज भी जनगणना में इस वर्ग के लिए अलग कॉलम नहीं होने के कारण इसके वास्तविक आंकड़े सामने नहीं आ पाते हैं. उन्होंने कहा कि सटीक आंकड़ों के अभाव में OBC समुदाय के लिए योजनाओं, संसाधनों और नीतियों का प्रभावी निर्धारण भी प्रभावित होता है.
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OBC के लिए भी पृथक कॉलम जोड़ा जाए
ज्ञापन में मांग की गई कि जनगणना 2027 के हाउस लिस्टिंग शेड्यूल में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की तर्ज पर OBC के लिए भी पृथक कॉलम जोड़ा जाए. प्रतिनिधिमंडल ने इसे सामाजिक न्याय, समान अवसर और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया. मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन तत्काल राष्ट्रपति भवन एवं प्रधानमंत्री कार्यालय को अग्रसारित करने का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) के समक्ष भी इस विषय को मजबूती से रखने की सलाह दी.
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मोर्चा ने कहा- वर्ष 1931 के बाद OBC समुदाय की अलग से गणना नहीं हुई
मोर्चा के नेताओं ने कहा कि वर्ष 1931 के बाद OBC समुदाय की अलग से गणना नहीं हुई है. ऐसे में जनगणना 2027 में OBC कॉलम शामिल होने से न केवल समुदाय की वास्तविक जनसंख्या सामने आएगी, बल्कि विकास योजनाओं और कल्याणकारी नीतियों को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा.
