रांची : झारखंड के निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है. लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे विनय चौबे के लिए यह फैसला अहम माना जा रहा है. हालांकि अदालत ने साफ किया है कि जमानत का मतलब यह नहीं है कि आरोपी कानूनी प्रक्रिया से मुक्त हो गया है.
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कोर्ट की सख्त शर्तें, उल्लंघन पर रद्द हो सकती है जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए कई कड़ी शर्तें लागू की हैं. अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि विनय चौबे एसीबी के कांड संख्या 9/2025 की हर सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और जांच में पूरा सहयोग करें. साथ ही उन्हें गवाहों को प्रभावित करने, डराने या किसी भी तरह से साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने से सख्ती से रोका गया है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जमानत की स्वतंत्रता का किसी भी गैर कानूनी गतिविधि के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन किया गया, तो उनकी जमानत तुरंत रद्द की जा सकती है.
