रांची: इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट के 56वें स्थापना दिवस पर रांची में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम में आयोजित इस समारोह की थीम शिक्षा एवं अधिगम परिदृश्य में प्रतिमान परिवर्तन रखी गई, जो आधुनिक युग में कौशल विकास की बदलती जरूरतों को रेखांकित करती है.
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आईआईसीएम की पूर्व कार्यकारी निदेशक डॉ. कामाक्षी रमन ने दीप प्रज्वलित कर समारोह की शुरुआत की. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है. सफलता के लिए व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और नैतिक मूल्यों का होना अनिवार्य है.
शिक्षा का असली उद्देश्य व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करना- अध्यक्ष महेश कुमार
आइएसटीडी रांची चैप्टर के अध्यक्ष महेश कुमार गुप्ता ने संस्था की 56 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर प्रकाश डाला. वहीं, मुख्य वक्ता नरेंद्र कुमार ओझा और प्रो डॉ. रमन बल्लभ ने डिजिटल लर्निंग और स्किल डेवलपमेंट पर जोर देते हुए बताया कि शिक्षा का असली उद्देश्य व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करना है.
इस अवसर पर विशेषज्ञों ने कंटीन्यूअस लर्निंग (निरंतर सीखने) की संस्कृति को अपनाने का आह्वान किया. कार्यक्रम का संचालन मंगल टोप्पो ने किया और सचिव मिथलेश कुमार उपाध्याय के धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह संपन्न हुआ. यह आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और भविष्य की संभावनाओं के लिए एक सशक्त मंच साबित हुआ.
