Ranchi: आजसू के महासचिव और हजारीबाग लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी संजय मेहता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर एक अहम सुझाव दिया है. उन्होंने कहा है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में भी “प्रतिभा सेतु” जैसी व्यवस्था शुरू की जानी चाहिए, ताकि योग्य लेकिन अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाए युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें.
UPSC मॉडल का हवाला
संजय मेहता ने अपने पत्र में बताया कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) पहले से “प्रतिभा सेतु” नाम की पहल चला रहा है. इस व्यवस्था में ऐसे अभ्यर्थियों का डेटा रखा जाता है, जो परीक्षा के सभी चरण (प्री, मेंस और इंटरव्यू) पास कर लेते हैं, लेकिन थोड़े अंकों से अंतिम चयन से चूक जाते हैं. उनकी सहमति से यह जानकारी सरकारी विभागों और निजी कंपनियों को दी जाती है, जिससे उन्हें नौकरी के दूसरे मौके मिलते हैं.
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झारखंड के युवाओं के लिए जरूरी पहल
उन्होंने कहा कि झारखंड में भी कई ऐसे प्रतिभाशाली छात्र हैं, जो कड़ी मेहनत के बावजूद कुछ अंकों से पीछे रह जाते हैं. ऐसे युवाओं को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है. अगर “जेपीएससी प्रतिभा सेतु” बनाया जाता है, तो इन युवाओं को सरकारी, गैर-सरकारी और निजी संस्थानों में काम करने का अवसर मिल सकता है.
रोजगार और मनोबल दोनों को मिलेगा फायदा
संजय मेहता के अनुसार, यह पहल न केवल युवाओं का मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि राज्य को भी प्रशिक्षित और योग्य मानव संसाधन मिलेगा. उन्होंने सुझाव दिया कि इन अभ्यर्थियों का एक डेटाबेस बनाया जाए और उनकी अनुमति से इसे विभिन्न विभागों, कंपनियों और संस्थाओं के साथ साझा किया जाए.
