223 संस्थानों का अनुदान कटा, अब आर-पार के मूड में शिक्षक

Ranchi: झारखंड के शिक्षा विभाग द्वारा एक साथ 223 शिक्षण संस्थानों का अनुदान रोकने के फैसले ने राज्य भर में एक बड़े...

Ranchi: झारखंड के शिक्षा विभाग द्वारा एक साथ 223 शिक्षण संस्थानों का अनुदान रोकने के फैसले ने राज्य भर में एक बड़े आंदोलन की चिंगारी सुलगा दी है. सोमवार को रांची के सर्वोदय बाल निकेतन उच्च विद्यालय, धुर्वा में राज्य के कोने-कोने से जुटे सैकड़ों प्राचार्यों और शिक्षक प्रतिनिधियों ने सरकार के इस रवैये के खिलाफ हुंकार भरी. शिक्षकों ने इसे एक साजिश करार देते हुए साफ कर दिया है कि यदि मुख्यमंत्री ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया, तो प्रदेश का शैक्षणिक माहौल सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा.

बैठक में बनी रणनीति

बैठक में तय किया गया कि कल (मंगलवार) को आधा दर्जन से अधिक विधायकों और मंत्रियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र सौंपा जाएगा. इसमें मांग की गई है कि बिना किसी ठोस प्रमाण के काटे गए अनुदान की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए. गुमला, सिमडेगा, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम से आईं महिला शिक्षकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस कार्रवाई में अल्पसंख्यक विद्यालयों, इंटर कॉलेजों और मदरसा स्कूलों को जानबूझकर निशाना बनाया गया है.

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4 लाख छात्रों पर असर

प्राचार्यों ने कहा, हम राज्य के 4 लाख बच्चों के भविष्य को संवार रहे हैं. साल में महज एक बार मिलने वाले अनुदान को भी साजिश के तहत काटा जा रहा है, जो बर्दाश्त से बाहर है.

आंदोलन की चेतावनी

शिक्षकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा. मोर्चा के पदाधिकारियों ने सभी को लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है. बैठक की अध्यक्षता मोर्चा के वरिष्ठ नेता चंदेश्वर पाठक ने की, जबकि संचालन गणेश महतो ने किया. बैठक को अरविंद सिंह, डालेश चौधरी, मनोज तिर्की, पशुपति महतो, फजलुल कदीर अहमद, उमा सेन गुप्ता, उदय यादव, संजय कुमार, रघु विश्वकर्मा और डुमरी इंटर कॉलेज (गुमला) के प्राचार्य समेत काफी संख्या में शिक्षक मौजूद थे.

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