Palamu: जिले के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने पांकी में पीएम श्री केजीबी विद्यालय का निरीक्षण किया. इस दौरान डीसी ने प्राचार्य से नामांकन के अनुरूप कम उपस्थिति के संबंध में जानकारी ली.
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी अनुपस्थित विद्यार्थियों के कारणों की पहचान कर उनका समुचित समाधान किया जाए तथा शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम नहीं होनी चाहिए.
शिक्षा विभाग को दिए निर्देश
उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया कि विद्यालय में सभी आवश्यक सुविधाओं और संसाधनों की पूर्ति सुनिश्चित करें तथा नियमित रूप से निरीक्षण करते रहें, ताकि शैक्षणिक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके.
छात्राओं से संवाद और मार्गदर्शन
तत्पश्चात उपायुक्त ने कक्षा 10 और 12 की छात्राओं से संवाद किया. उन्होंने छात्राओं से उनके करियर लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली और उन्हें अपनी रुचि के अनुसार लक्ष्य चुनने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि पसंदीदा क्षेत्र में करियर बनाना अपेक्षाकृत आसान और सफल होता है.
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परीक्षा और तकनीक पर दी सलाह
उन्होंने छात्राओं को बताया कि दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होती हैं. वर्तमान समय में तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई शिक्षण पद्धतियों से पढ़ाई आसान और प्रभावी हुई है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इन तकनीकों के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू हैं, इसलिए इनका सही उपयोग जरूरी है.
एआई टूल्स के जिम्मेदार उपयोग की अपील
उपायुक्त ने छात्राओं को ChatGPT, Gemini और Perplexity AI जैसे टूल्स का उपयोग पढ़ाई में सहायक के रूप में करने और तथ्यों का सत्यापन करते हुए जिम्मेदारीपूर्वक सीखने की सलाह दी.
स्कूल बैग का वितरण
इस अवसर पर उपायुक्त ने छात्राओं के बीच सांकेतिक रूप से स्कूल बैग का वितरण किया. उन्होंने बैग की गुणवत्ता, मजबूती और टिकाऊपन की भी जांच की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.
प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय का निरीक्षण
इसके बाद उपायुक्त ने प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय पांकी का निरीक्षण किया. उन्होंने अंचल निरीक्षक कक्ष में पहुंचकर विभिन्न योजनाओं से संबंधित लंबित चेक स्लिपों का अवलोकन किया और संबंधित जानकारी ली.
लंबित मामलों पर सख्ती
उपायुक्त ने अंचल निरीक्षक को सख्त निर्देश दिया कि कोई भी कार्य लंबित न रहे और सभी मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि लंबित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी.
बायोमेट्रिक उपस्थिति पर जोर
उन्होंने उपस्थिति पंजी का निरीक्षण करते हुए कहा कि जब बायोमेट्रिक प्रणाली लागू है, तो ऑफलाइन उपस्थिति का कोई औचित्य नहीं है. उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी कर्मियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली से ही दर्ज की जाए.
आगंतुकों से सीधे संवाद
इसके बाद उपायुक्त ने प्रखंड कार्यालय में आने वाले आगंतुकों की संख्या, मामलों के प्रकार और उनके निष्पादन की समय-सीमा की जानकारी ली. उन्होंने कुछ आगंतुकों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए.
