Ranchi: राजधानी रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी और जालसाजी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक संस्थान के पूर्व कर्मचारी पर अपने ही नियोक्ता के साथ लाखों रुपए की ठगी करने और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 25 लाख रुपये का लोन लेने का आरोप लगा है. इस संबंध में वादी बली राम कुमार पंकज (48) जो शिवपुरी किलबर्न कॉलोनी, हिनू के रहने वाले है उनके लिखित आवेदन पर डोरंडा थाना में धारा 406, 420 एवं 465 भादवि के तहत कंचन राज प्रसाद, निवासी गुदरी चौक, काली स्थान रोड रांची के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है.
आरोपी ने 2020 में 2 लाख रुपये लिए थे उधार
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार आरोपी वर्ष 2016 से वादी के संस्थान में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत था और इसी दौरान उसने विश्वास का फायदा उठाते हुए 20 नवंबर 2020 को एक्सिस बैंक के चेक के माध्यम से 2 लाख रुपये उधार लिए, जिसे लौटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक राशि वापस नहीं की गई. इसके अलावा उसने वादी के नाम पर त्रिभुवन ज्वेलर्स, रोसपा टावर, रांची से आभूषण खरीदें, जिसके भुगतान के लिए वादी को 2.45 लाख रुपये नकद चुकाने पड़े.
आरोपी ने वादी को गारंटर दिखाते हुए लिया 25 लाख रुपये का लोन
मामले का खुलासा तब हुआ, जब वादी को जानकारी मिली कि आरोपी ने उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और आयकर रिटर्न दस्तावेजों का दुरुपयोग कर झारखंड राज्य जनजातीय सहकारिता निगम लिमिटेड के तहत मुख्यमंत्री रोजगार योजना में आवेदन कर 25 लाख रुपये का लोन प्राप्त कर लिया. इस लोन के लिए आरोपी ने वादी को गारंटर दिखाते हुए उनके फर्जी हस्ताक्षर किए, साथ ही एक अन्य कर्मचारी के हस्ताक्षर भी गवाह के रूप में जाली बनाए.
आरोप है कि आरोपी ने लोन की एक भी किस्त जमा नहीं की और नवंबर 2022 में नौकरी छोड़ दी. इसके बाद से वह लगातार राशि लौटाने से बचता रहा. वादी का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई उनकी जानकारी और सहमति के बिना की गई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है.
