रांची: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ऐसा बजट पेश किया है, जिसमें रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और आधारभूत संरचना को प्राथमिकता दी गई है. बजट में विभिन्न विभागों के लिए बड़ी राशि का प्रावधान करते हुए सरकार ने विकास की गति तेज करने और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया है.

रोजगार और उद्योग पर फोकस
- इस्पात, ऊर्जा, विनिर्माण और अवसंरचना क्षेत्रों में लगभग 45 हजार रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना.
- आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के तहत 5,000 से 6,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना.
- विभिन्न औद्योगिक नीतियों के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश लाया जाएगा, जिससे लगभग 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना.
- आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में रेशम क्षेत्र में 1,800 मीट्रिक टन तसर रेशम उत्पादन का लक्ष्य.
- कुटीर उद्योग के सतत विकास के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं.
प्रशासन और भवन निर्माण
- प्रशासनिक प्रशिक्षण हेतु रांची स्थित श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में 155 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से नए भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर.
- वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु भवन निर्माण विभाग के लिए 894 करोड़ 31 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित.
नगर विकास और आवास
- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत झारखंड राज्य के लिए कुल 2 लाख 11 हजार 10 आवासीय इकाइयाँ स्वीकृत.
- आगामी वित्तीय वर्ष में लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास योजना के तहत 36 हजार 202 तथा भागीदारी आधारित किफायती आवास योजना के तहत 36 हजार 740 निर्माणाधीन आवास पूर्ण करने का लक्ष्य.
- अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत आदित्यपुर, सिमडेगा, हजारीबाग शहरी जलापूर्ति योजनाओं तथा चास सेप्टेज प्रबंधन योजना को पूर्ण करने का लक्ष्य.
- 9 निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं को स्वीकृति तथा 6 लिगेसी अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य.
- 14 जलापूर्ति परियोजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य.
- नगर विकास एवं आवास विभाग के लिए 3 हजार 919 करोड़ 40 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित.
अन्य विभागों के लिए बजट प्रावधान
- पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के लिए 361 करोड़ 67 लाख रुपये.
- सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-शासन के लिए 328 करोड़ 99 लाख रुपये.
- गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 11 हजार 38 करोड़ 53 लाख रुपये.
- योजना एवं विकास विभाग के लिए 539 करोड़ 94 लाख रुपये.
- वन विभाग के लिए 1 हजार 544 करोड़ 75 लाख रुपये.
- पथ निर्माण विभाग के लिए 6 हजार 601 करोड़ 28 लाख रुपये.
- ग्रामीण कार्य विभाग के लिए 5 हजार 81 करोड़ 74 लाख रुपये.
- नागर विमानन के लिए 138 करोड़ 63 लाख रुपये.
- ऊर्जा विभाग के लिए 11 हजार 197 करोड़ 89 लाख रुपये.
शिक्षा और कल्याण
- साइकिल वितरण योजना के तहत 136 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान.
- अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति योजनाओं हेतु 1,216 करोड़ रुपये का प्रावधान.
- अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के लिए 3 हजार 568 करोड़ 19 लाख रुपये.
- प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा के लिए 16 हजार 251 करोड़ 43 लाख रुपये.
- उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए 2 हजार 564 करोड़ 45 लाख रुपये.
- 7 जिलों में 12 नए महाविद्यालय स्थापित किए जाएंगे.
- डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव.
- विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न योजनाएँ लागू की जाएंगी.
स्वास्थ्य और पेयजल
- रिम्स में एमबीबीएस सीटों को दोगुना करने का लक्ष्य.
- अगले वर्ष रिम्स सहित सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 220 एमबीबीएस सीटों की बढ़ोतरी.
- आगामी 4 वर्षों में एमबीबीएस सीटों की संख्या 1,030 से दोगुनी करने का लक्ष्य.
- 750 अबुआ दवाखाना खोलने का लक्ष्य.
- मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन एवं रखरखाव योजना शत-प्रतिशत राज्य योजना से संचालित.
- स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 7 हजार 990 करोड़ 30 लाख रुपये.
- पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के लिए 5 हजार 194 करोड़ 53 लाख रुपये.
- जल जीवन मिशन के तहत 62 लाख 55 हजार ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य.
- खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के लिए 2 हजार 887 करोड़ 27 लाख रुपये.
ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा

- श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के लिए 1 हजार 168 करोड़ 73 लाख रुपये.
- ग्रामीण विकास के लिए 12 हजार 346 करोड़ 90 लाख रुपये.
- पंचायत ज्ञान केंद्रों के लिए 209 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान.
- 15वें वित्त आयोग से 1 हजार 340 करोड़ रुपये अनुदान मिलने की संभावना.
- महिलाओं, बच्चों एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए 22 हजार 995 करोड़ 69 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित.
