Religion News: हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है और उनमें से मोहिनी एकादशी सबसे महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है. साल 2026 में यह व्रत 27 अप्रैल (सोमवार) को मनाया जाएगा. इस दिन का धार्मिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि इसी दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया था. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता का वास होता है.
मोहिनी एकादशी का महत्व
मोहिनी एकादशी को आत्मिक शुद्धि और नकारात्मकता से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है. इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से मन की शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं. यह व्रत व्यक्ति को अपनी इच्छाओं की पूर्ति और मानसिक स्पष्टता पाने में मदद करता है.
मोहिनी एकादशी पूजा विधि
पहली बार व्रत रखने वालों के लिए सही विधि का पालन करना बेहद जरूरी माना जाता है. ऐसे में-
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहने, संभव हो तो पीले रंग के वस्त्र पहनें.
- पूजा स्थान को साफ करें और गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें.
- लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं.
- चौकी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें.
- भगवान विष्णु का पंचामृत से अभिषेक करें.
- इसके बाद उन्हें पीले वस्त्र पहनाकर आभूषणों से सजाएं.
- चंदन का तिलक लगाएं और फूल, पीले वस्त्र तथा तुलसी दल अर्पित करें.
- माता लक्ष्मी को सिंदूर, फूल और सुहाग की वस्तुएं अर्पित करें.
- घी का दीपक जलाएं और धूप- अगरबत्ती लगाएं.
- मोहिनी एकादशी व्रत कथा का पाठ करें.
- विष्णु सहस्रनाम या विष्णु चालीसा का पाठ करें.
- अंत में आरती करें और भगवान को भोग लगाएं (तुलसी पत्ते जरूर शामिल करें).
मोहिनी एकादशी के मंत्र
भगवान विष्णु के लिए:
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
- ॐ नमो नारायणाय
माता लक्ष्मी के लिए:
- या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः
मोहिनी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 26 अप्रैल 2026, शाम 6:06 बजे
- एकादशी तिथि समाप्त: 27 अप्रैल 2026, शाम 6:15 बजे
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:43 बजे से 5:28 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 बजे से 1:02 बजे तक
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