राज्य में हैं तीन एटीएस थाना, आम आदमी भी कर सकते हैं संगठित अपराध की प्राथमिकी

Ajay Dayal Ranchi : झारखंड ही नहीं पूरे देश के लोगों को यही जानकारी है कि ATS ( एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड )...

Ajay Dayal 

Ranchi : झारखंड ही नहीं पूरे देश के लोगों को यही जानकारी है कि ATS ( एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड ) केवल आतंकवादी पर कार्रवाई करती है, लेकिन ATS ने लोगों की यह अवधारणा तोड़ दी है. लेकिन अब राज्य के तीन ATS थाना में अब आम लोग भी संगठित अपराध से संबंधित प्राथमिकी दर्ज करा सकते हैं. उनकी यह प्राथमिकी जिला के थाना से अलग होगी. जिला पुलिस के थाना से यह प्राथमिकी बिल्कुल अलग होगी. जिला पुलिस का ATS की प्राथमिकी से कोई संबंध नहीं होगा.

रांची, पाकुड़ और साहेबगंज में है ATS थाना

ATS के तीन थाना रांची, धनबाद और साहेबगंज ( राजमहल ) में हैं. रांची में मुख्य थाना है. वहीं, धनबाद और साहेबगंज ( राजमहल ) ओपी के रूप में रखा गया है, लेकिन उक्त दोनों थाना भी मुख्य थाना की तरह ही काम करते हैं. इन सभी थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर स्तर के पुलिसकर्मी हैं.

इस साल 100 प्राथमिकी हुई है दर्ज

इन तीनों थाना में एक जनवरी से अब तक( जून 2026 ) 100 प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है. जिसमें से 70 केस का निष्पादन भी चुका है. अब केवल 30 मामले पेंडिंग हैं उन्हें भी जल्द निष्पादित कर दिया जाएगा. बताया जाता है कि ATS में पुलिस जवानों की संख्या काफी अच्छी है. इसके कारण केस को सुलझाने में आसानी होती है.

राज्य में सीएम और डीजीपी का आदेश मानता है ATS

राज्य में सीएम और डीजीपी का आदेश ATS मानता है. अन्य कोई मंत्री या पुलिस विभाग के वरीय पदाधिकारी भी ATS पर अकुंश नहीं लगा सकता है क्योंकि ATS सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय से संचालित होता है.

150 गैंगस्टर के घर तक पहुंची ATS की टीम

गैंगस्टर का 150 गुर्गों का कुंडली खंगाल कर उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि लेने से गुर्गों में हड़कंप मच गया है. इतना ही नहीं पूरे जमीन जायदाद का भी पूरा डिटेल ATS लेकर उनका पूरा बायोडाटा तैयार किया जा रहा है. रांची, रामगढ़, चतरा, लातेहार और हजारीबाग में ATS की कई टीम लगी हुई है. ATS के अधिकारी के अनुसार राहुल सिंह गिरोह, राहुल दुबे, प्रिंस खान गैंग, सुजीत सिन्हा गैंग, अमान साहू गैंग, पांडेय गैंग के बचे हुए 150 गुर्गों के घर तक ATS पहुंच गई है. 130 गुर्गे सामने भी आए हैं. जबकि 20 फरार हैं. पूरा डिटेल लेने से गुर्गों के परिवार में दहशत पैदा हो गया है. परिवार के लोग उन्हें अपराध की दुनिया छोड़ने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है. ATS के अधिकारी का कहना है कि 50- 60 अपराधी परिवार के दबाव और ATS के डर से अपराध की दुनिया से तौबा कर लेंगे.

 

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