Saraikela : चांडिल प्रखंड की रुचाप पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के नाम पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने का मामला सामने आया है. टेल्को, जमशेदपुर निवासी एक व्यक्ति के प्रमाणपत्र सत्यापन कराने पहुंचने पर पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. मामले के बाद जिला प्रशासन ने संदिग्ध रूप से जारी सभी प्रमाणपत्रों को रद्द कर दिया है.
सत्यापित कॉपी लेने पहुंचे तो खुली पोल
प्राप्त जानकारी के अनुसार टेल्को, जमशेदपुर निवासी रामू मिश्रा अपने बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र की सत्यापित प्रति प्राप्त करने के लिए रुचाप पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे. प्रमाणपत्र में बच्चे की जन्म तारीख 4 दिसंबर 2023 अंकित थी और जन्म स्थान रुचाप पंचायत दर्शाया गया था.
जब रामू मिश्रा ने आंगनबाड़ी सेविका से प्रमाणपत्र के संबंध में जानकारी मांगी तो सेविका ने विल्सी सेंटर के एक युवक को मोबाइल पर इसकी सूचना दी. जांच में पता चला कि संबंधित बच्चे का जन्म रुचाप पंचायत क्षेत्र में हुआ ही नहीं था. इसके बाद पूरे मामले की जानकारी पंचायत सचिव को दी गई.

थाना पहुंचा मामला, BDO को शिकायत का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित लोग चांडिल थाना पहुंचे और थाना प्रभारी को अवगत कराया कि उक्त जन्म प्रमाणपत्र आधिकारिक रूप से जारी ही नहीं किया गया है. इस संबंध में चांडिल थाना प्रभारी ने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी ने लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
DC ने कहा – सभी संदिग्ध प्रमाणपत्र रद्द
इधर, डीसी ने ईचागढ़ प्रखंड सह अंचल कार्यालय के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत में बताया कि फर्जी प्रमाणपत्रों का मामला सामने आने के बाद संदिग्ध रूप से जारी सभी प्रमाणपत्रों को रद्द कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
फर्जी जन्म प्रमाणपत्र प्रकरण सामने आने के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. ग्रामीणों ने मामले में संलिप्त कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
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