बिना सुरक्षा के प्रोजेक्ट भवन पहुंचने पर बोले CM हेमंत सोरेन- ‘मैं भी एक आम आदमी हूं और एक नागरिक के नाते मेरा अपना है दायित्व’

Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को अपने एक औचक कदम से न केवल प्रशासनिक महकमे को चौंका दिया, बल्कि...

CM Hemant Soren
CM हेमंत सोरेन

Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को अपने एक औचक कदम से न केवल प्रशासनिक महकमे को चौंका दिया, बल्कि अपनी संवेदनशीलता से आम जनमानस का दिल भी जीत लिया. मुख्यमंत्री बिना किसी ताम-झाम, सुरक्षा काफिले या कारकेड के सीधे प्रोजेक्ट भवन पहुंच गए. उनके इस सादगी भरे अंदाज ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में एक नई चर्चा छेड़ दी है. जब मुख्यमंत्री को बिना सुरक्षा के मंत्रालय परिसर में देखा गया, तो वहां मौजूद पत्रकार और कर्मचारी हैरान रह गए. पत्रकारों के सवालों का सहजता से जवाब देते हुए हेमंत सोरेन ने कहा, “मैं भी एक आम आदमी हूं और आम आदमी ही सरकार में जाते हैं. एक आम नागरिक के नाते मेरा अपना दायित्व है और सरकार के मुखिया के नाते भी एक जिम्मेदारी है. व्यवस्था की हकीकत को महसूस करने के लिए ही आज मैं अकेले सड़क पर निकला.”

शहीदों के बच्चों के लिए ‘दिशोम गुरु आवासीय विद्यालय’ का तोहफा

सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल की घोषणा की. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय को अब सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने जा रही है. यह विद्यालय विशेष रूप से शहीद जवानों के बच्चों के लिए समर्पित होगा. झारखंड और देश की सेवा में प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों के आश्रितों को यहां विश्वस्तरीय शिक्षा दी जाएगी. सरकार का लक्ष्य एक ऐसा समान वातावरण तैयार करना है, जहां अभावों की चिंता किए बिना बच्चे अपना भविष्य संवार सकें.

पूंजीपतियों के बच्चे सीमा पर नहीं जाते: सीएम का भावुक संदेश

पुलिस और सेना के जवानों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, कि वर्दी पहनने वाले अधिकतर युवा गरीब और मेहनतकश परिवारों से आते हैं. उन्होंने मार्मिक लहजे में कहा, शायद ही कभी आपने देखा होगा कि किसी पूंजीपति घराने का बच्चा सेना में सीमा पर तैनात हो या पुलिस में भर्ती होकर जान हथेली पर लेकर चले. जब कोई जवान शहीद होता है, तो उसका परिवार बिखर जाता है. इसी दर्द को समझते हुए हमारी सरकार ने तय किया है कि शहीदों के बच्चों की शिक्षा का पूरा उत्तरदायित्व अब राज्य सरकार का होगा.

यह भी पढ़ें: जब बिना काफिले के अचानक मंत्रालय पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन, दंग रह गए कर्मचारी, ट्रैफिक और जमीनी हकीकत का लिया जायजा-News Wave Jharkhand

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *