NewsWave Desk: मैक्लुस्कीगंज, झारखंड के रांची से लगभग 64 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम में स्थित एक छोटा सा पहाड़ी शहर है. यह जगह झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिनी जाती है. यहां का ऐतिहासिक आकर्षण, खूबसूरती और प्राकृतिक चमत्कार इसे वीकेंड ट्रिप के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं.
मैक्लुस्कीगंज की सड़कों पर टहलते हुए आपको अंग्रेज़ी दौर के कई कोलोनियल घर दिखेंगे, जिनकी अनोखी वास्तुकला आज भी बरकरार है. कुछ एंग्लो-इंडियन घर अब गेस्ट हाउस में बदल चुके हैं, जहां रहना एक यादगार अनुभव होता है. पुराने राज युग के बंगले अब आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किए गए हैं. यहां का सफर प्रकृति की गोद में बसे इन ऐतिहासिक बंगलों की खोज जैसा है.
यहां की खास जगहें:
- सर्वधर्म स्थल: यहाँ एक ही परिसर में मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारा बने हुए हैं, जो धार्मिक एकता का संदेश देते हैं. पास ही सीता कुंड नामक प्राकृतिक झरना है, जहाँ साफ पानी और कमल के फूलों से भरे तालाब हैं.
- कुअरपात्रा नदी घाटी: यहाँ की घाटी मिनी ग्रैंड कैन्यन जैसी लगती है, और यहाँ तक पहुँचना रोमांचक है.
- भगवान शिव मंदिर: चिनाटाड पहाड़ी पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर, खासकर सावन माह में, श्रद्धालुओं का आकर्षण है.
- सेंट जॉन कैथेड्रल चर्च: ब्रिटिश काल में बनी यह चर्च आज भी अपनी चित्रकारी और इंग्लिश फर्नीचर के लिए मशहूर है.
- चट्टी नदी: झारखंड की ‘हिडन बीच’ कही जाने वाली यह नदी शाम के समय और भी सुंदर दिखती है.
- पुराने ब्रिटिश बंगले: यहाँ के पुराने बंगले अपनी खास खिड़कियों, बग़ीचों और दरवाज़ों के लिए प्रसिद्ध हैं. इनका आकर्षण आज भी लोगों को खींच लाता है.
मैक्लुस्कीगंज वह जगह है जहाँ इतिहास और प्रकृति दोनों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. यहाँ की शांति, हरियाली और पुरानी विरासत आपको जरूर आकर्षित करेगी.
