Ranchi : पेसा नियमावली को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. यह सुनवाई न्यायाधीश एस एम सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई, जहां मामले पर लंबी बहस चली. याचिकाकर्ता पक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पेसा अधिनियम 1996 के मूल स्वरूप में बदलाव कर दिया है और अनुच्छेद 244(1) के तहत मिलने वाले आदिवासी अधिकार प्रभावित हो रहे हैं.
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नियमों में बदलाव पर उठे सवाल
याचिकाकर्ता ने कहा कि सरकार ने नियमों को इस तरह बनाया है जिससे संसाधनों पर उसका नियंत्रण बना रहे, जो सही नहीं है. कोर्ट से मांग की गई है कि वर्तमान नियमावली पर रोक लगाई जाए और मूल पेसा कानून के अनुसार नियम लागू किए जाएं. फिलहाल याचिकाकर्ता की दलीलें जारी हैं और इसके बाद राज्य सरकार को अपना पक्ष रखना होगा. यह याचिका आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की ओर से दायर की गई है.
