Hazaribagh: उपायुक्त श्री हेमन्त सती की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में राजस्व, भू-अर्जन, राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचएआई), कोल कंपनियों एवं एनटीपीसी से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.
बैठक के दौरान उपायुक्त ने हजारीबाग जिले अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए लगभग 60 किलोमीटर लंबाई के प्रस्तावित निर्माण कार्य एवं भू-अर्जन से संबंधित मुआवजा भुगतान की स्थिति की जानकारी ली. जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने अवगत कराया कि भारतमाला परियोजना के पैकेज 10 एवं 11 के अंतर्गत सभी अधिग्रहित भू-स्वामियों को मुआवजा का भुगतान किया जा चुका है.

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि का म्यूटेशन समयबद्ध तरीके से अनिवार्य रूप से किया जाए. बरकट्ठा क्षेत्र में एनएचएआई को हस्तांतरित रैयती प्लॉट्स के संबंध में अंचलाधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
भूमि हस्तांतरण और एनओसी मामलों पर फोकस
भूमि हस्तांतरण एवं अधिग्रहण से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बिजली विभाग की तेनुघाट–हजारीबाग ट्रांसमिशन लाइन विस्तार हेतु एनओसी की स्थिति की जानकारी ली तथा संबंधित बाधाओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए. साथ ही संबंधित प्रखंडों के थाना प्रभारियों को आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने को कहा गया.
एनटीपीसी और डीवीसी से जुड़े मामलों की समीक्षा
एनटीपीसी से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बिरहोर टोला, पगार क्षेत्र में बिरहोर समुदाय के आवासों की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की तथा उनके घरों की शीघ्र मरम्मत कराने का निर्देश दिया.
डीवीसी द्वारा अधिग्रहित भूमि के म्यूटेशन मामलों को लेकर विष्णुगढ़, बरही एवं चौपारण के अंचलाधिकारियों को अपर समाहर्ता के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
लंबित मामलों पर सख्ती
राजस्व विभाग की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की प्रखंडवार समीक्षा करने तथा निर्धारित तिथि से पूर्व काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया. सभी अंचलाधिकारियों को 20 तारीख तक संबंधित मामलों की प्रतिवेदन विधि शाखा को उपलब्ध कराने को कहा गया.
उपायुक्त ने भूमि हस्तांतरण से जुड़े कार्यों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता पर बल देते हुए झारखंड ऊर्जा संचार निगम से संबंधित भूमि मामलों का निस्तारण 5 जून तक सुनिश्चित करने का निर्देश अपर समाहर्ता को दिया.
म्यूटेशन मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि 90 दिनों से अधिक लंबित मामलों की संख्या कार्य में लापरवाही को दर्शाती है.
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि बिना उचित कारण के म्यूटेशन आवेदन अस्वीकृत न किए जाएं. सभी अंचलाधिकारी नियमित रूप से कोर्ट संचालन सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को अंचल कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें. बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.
