Hazaribag: विष्णुगढ़ प्रखंड के नवादा पंचायत में स्थित एम एच क्लिनिक हाॅल में समाज सुधार , सामाजिक जागरूकता और आपसी एकता को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में हजारीबाग , रामगढ़ , धनबाद , और बोकारो समेत चार जिलों से पहुंचे उलेमा – ए – किराम , इमाम, समाजसेवी एवं बुद्धिजीवियों ने भाग लिया.
कुरीतियों और सामाजिक बुराईयों पर गंभीर चर्चा
कार्यक्रम में समाज को खोखला कर रही कुरीतियों और सामाजिक बुराईयों पर गंभीर चर्चा की गई. कार्यक्रम की पहल हजारीबाग जिला इदारा – ए – शरिया के संयोजक महमूद आलम ने की . बैठक में शादी विवाह में बढ़ती फिजूलखर्ची, नशाखोरी ,गैर जरूरी रस्मों , दिखावे और समाज में फैल रही अन्य बुराईयों पर चिंता जताई गई. वक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते समाज इन कुरीतियों के खिलाफ जागरूक नहीं हुआ तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा. बैठक को संबोधित करते हुए महमूद आलम ने कहा कि असली ताकत शिक्षा , इंसाफ,अच्छे अखलाक और आपसी भाईचारे में होती है. उन्होंने लोगों से सादगी अपनाने, फिजूलखर्ची से बचने और नयी पीढ़ी को बेहतर माहौल देने की अपील की. उन्होंने कहा कि समाज में फैल रही बुराईयों के खिलाफ आवाज उठाना हर जिम्मेदार व्यक्ति का फर्ज है.

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इस्लाम अमन , सादगी, और इंसानियत का पैगाम देता है
वहीं नवादा पंचायत जामा मस्जिद के खतीब व इमाम हजरत हाजी हफीज इलियास अहमद मिस्बाही ने कहा कि इस्लाम अमन , सादगी, और इंसानियत का पैगाम देता है. उन्होंने लोगों से समाज को नशाखोरी , दिखावे, और अन्य सामाजिक बुराईयों से बचाने तथा अच्छाइयों को बढ़ावा देने के लिए एक जुट होकर काम करने की अपील की.
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जागरूकता और शिक्षा पर बल
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने गांव गांव जागरूकता अभियान चलाने , युवाओं को शिक्षा से जोड़ने और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर जोर दिया. कहा कि समाज तभी आगे बढ़ सकता है,जब लोग आपसी मतभेद भुलाकर भाईचारे और सद्भाव के साथ आगे आएंगे. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने समाज सुधार , सामाजिक जागरूकता , और आपसी एकता को लेकर लगातार अभियान चलाने का संकल्प लिया . इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में विभिन्न गांवों में जन-जागरूकता अभियान चला कर लोगों को कुरीतियों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
