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हजारीबाग में बालू संकट गहराया, बंदोबस्ती में देरी से विकास कार्य ठप

Hazaribagh: हजारीबाग जिले में 11 बालू घाटों की नीलामी हो चुकी है, लेकिन बंदोबस्ती प्रक्रिया में देरी के कारण बालू की भारी...

Hazaribagh: हजारीबाग जिले में 11 बालू घाटों की नीलामी हो चुकी है, लेकिन बंदोबस्ती प्रक्रिया में देरी के कारण बालू की भारी किल्लत हो गई है. हालात ऐसे हैं कि बालू “दूज का चांद” बन गया है और विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है.

जिन लोगों को घर निर्माण या अन्य जरूरी कार्यों के लिए बालू चाहिए, उन्हें चार गुना अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है. कई जगह चोरी-छिपे रात के अंधेरे में बालू की सप्लाई की जा रही है. इसका असर आम लोगों के साथ निर्माण कार्यों पर भी पड़ रहा है.

बरसात से पहले समय कम 

आमतौर पर हर साल 10 जून से 15 अक्टूबर तक एनजीटी के निर्देशानुसार नदियों से बालू खनन और परिवहन पर रोक रहती है. बरसात के दौरान जलस्तर बढ़ने और पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए यह प्रतिबंध लगाया जाता है. ऐसे में अगर जल्द प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है.

बिहार से आ रहा बालू

झारखंड में कई महीनों से स्थानीय बालू घाटों से उठाव बंद है. ऐसे में बिहार से हाइवा और बड़े वाहनों के जरिए बालू मंगाया जा रहा है. हालांकि यह विकल्प महंगा होने के कारण आम लोगों की पहुंच से बाहर है. जिला खनन पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि प्रक्रिया तेजी से चल रही है. उन्होंने कहा कि दो से तीन दिनों में प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और एक सप्ताह के भीतर हालात सामान्य होने की उम्मीद है.

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