Ranchi : बोकारो के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र से अक्टूबर 2020 से लापता 14 वर्षीय नाबालिग के मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से कड़ा सवाल पूछा है. न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि आखिर इस मामले की जांच सीबीआई को क्यों न सौंप दी जाए. अदालत ने सरकार को इस संबंध में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने माना कि नाबालिग के गायब होने का मामला अपहरण से जुड़ा प्रतीत होता है. सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि वर्ष 2022 में मामले से जुड़े चार लोगों के नार्को टेस्ट की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन केवल तीन लोगों का ही टेस्ट कराया जा सका.
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अदालत ने इस बात पर गंभीर नाराजगी जताई कि अहम गवाह रहमान अली अंसारी का नार्को टेस्ट अब तक नहीं हो पाया. पुलिस की ओर से मेडिकल कारणों का हवाला दिया गया, जिस पर कोर्ट ने पूछा कि आखिर ऐसी कौन सी बीमारी है जो इतने वर्षों से बनी हुई है. नाबालिग की मौसी ने अदालत को बताया कि रहमान अली अंसारी अपहरण के अहम गवाह हैं और उन्होंने घटना को अपनी आंखों से देखा था. कोर्ट ने कहा कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है और पुलिस को गंभीरता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए. अदालत ने इस मामले को बोकारो के ही चर्चित पुष्पा मामले के साथ टैग करते हुए अगली सुनवाई 8 जून तय की है. कोर्ट ने कहा कि दोनों मामले एक ही थाना क्षेत्र और समान परिस्थितियों से जुड़े हैं, इसलिए इनकी सुनवाई एक साथ की जाएगी. साथ ही पुलिस को अगली सुनवाई तक ठोस कदम उठाने और जरूरी साक्ष्य पेश करने का निर्देश दिया गया है.
