गायब हुआ सरकारी ट्रांसफॉर्मर, नपेंगे वितरण निगम के इंजीनियर, सरकार तक पहुंचा मामला

Ranchi: झारखंड के बिजली महकमे से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा...

Ranchi: झारखंड के बिजली महकमे से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बिजली वितरण निगम का ट्रांसफॉर्मर ही रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया है. यह मामला जैसे ही सरकार के गलियारों तक पहुंचा, तो हड़कंप मच गया. सूत्रों के अनुसार सरकार ने इस घोर लापरवाही पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए दोषियों के खिलाफ सीधी और कड़ी कार्रवाई करने का मन बना लिया है.

इंजीनियर्स की चुप्पी बढ़ा रही शक

हैरानी की बात यह है कि यह ट्रांसफॉर्मर कब, कहां और कैसे गायब हुआ, इसकी सटीक जानकारी देने से बिजली वितरण निगम के जिम्मेदार इंजीनियर्स साफ बच रहे हैं. सरकार के सख्त तेवरों के बाद अब विभाग के भीतर हड़कंप मचा हुआ है और जवाबदेही तय करने के लिए फाइलों को खंगाला जा रहा है.

Also Read: झारखंड: अधिकारियों के लिए नया प्रशिक्षण नियम लागू, तीन चरणों में ट्रेनिंग अनिवार्य, 90% उपस्थिति जरूरी, विभागीय मंजूरी

विशाल नेटवर्क के बीच बड़ी चूक

वर्तमान में राज्य के भीतर 649 पावर सब स्टेशन और 1529 पावर ट्रांसफॉर्मर काम कर रहे हैं, जिनकी कुल क्षमता 8803 एमवीए है. इतने बड़े नेटवर्क को संभालने के लिए वितरण निगम के पास 33 केवी के 9041.67 किलोमीटर फीडर हैं, जिनमें से लगभग 721 किलोमीटर लाइन भूमिगत है. इसके अलावा, विभाग के पास 11 केवी के 72075 किलोमीटर फीडर का भी बड़ा जाल है, जिसमें से लगभग 995 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत बिछाया गया है.

सवा लाख ट्रांसफॉर्मर पर सवाल

निगम के पास पूरे राज्य में 1,37,963 वितरण ट्रांसफॉर्मर सक्रिय हैं, जिनकी कुल क्षमता 8869 एमवीए है. इतने बड़े और सवा लाख से अधिक ट्रांसफॉर्मर वाले सुरक्षित नेटवर्क के बीच से एक सरकारी एसेट का गायब हो जाना चौंकाने वाला है. सरकार अब इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की तैयारी में है.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *