Gumla : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुमार ने बालगृह, संप्रेक्षण गृह, वृद्धाश्रम एवं मूक-बधिर विद्यालय का औचक निरीक्षण किया. बालगृह के निरीक्षण के दौरान साधारण बच्चों, दिव्यांग बच्चों और विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों के लिए पृथक रहने की अलग अलग व्यवस्था की जानकारी ली. उन्होंने बच्चों के भोजन, खेलकूद, रहन सहन, शिक्षा, साफ सफाई, पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था सहित कर्मचारियों की नियुक्ति एवं उनकी योग्यता से संबंधित विस्तृत जानकारी बालगृह के पदाधिकारियों से प्राप्त की. बच्चों से संवाद कर उनकी समस्याओं से भी अवगत हुए. इस दौरान उन्होंने झालसा द्वारा निर्देशित मानकों के पालन की बात कहीं.
संप्रेक्षण गृह के निरीक्षण के दौरान उन्होंने पदाधिकारियों को किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी. बच्चों को नैतिक शिक्षा, खेलकूद समेत अन्य गतिविधियों की जानकारी दी जायें. इस दौरान उन्होंने संप्रेक्षण गृह में सुरक्षा व्यवस्था, बच्चों की शिक्षा, भोजन, आवास एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की गहन जांच की. वहां उपस्थित पदाधिकारियों एवं होमगार्ड जवानों को सुरक्षा एवं अनुशासन बनाएं रखने हेतु आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने बच्चों से भी मुलाकात की.

वृद्धाश्रम के निरीक्षण के दौरान उन्होंने वृद्धजनों से मुलाकात की . भोजन, पेयजल, आवास एवं चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की. उन्होंने स्वयं भी सभी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया.
वहीं उन्होंने मूक बधिर विद्यालय का भी निरीक्षण कर बच्चों से मिलने वाली सुविधा और समस्याओं की जानकारी ली. इस अवसर पर अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला शराम कुमार लाल गुप्ता, प्रभारी न्यायाधीश प्रतिक राज, स्थाई लोक अदालत के सदस्य शंभू सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
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