Saraikela : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में हाथी-मानव संघर्ष पर विधायक सविता महतो के “हाथी को बांध कर नहीं रखा जा सकता” वाले बयान के बाद वन विभाग के एक अधिकारी की प्रतिक्रिया सामने आई है. चांडिल वन क्षेत्र के वनपाल वसिष्ठ नारायण महतो ने बयान पर सवाल उठाते हुए बालू माफियाओं के मुद्दे पर भी विधायक से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है.
वनपाल वसिष्ठ नारायण महतो ने कहा कि जब विधायक महोदया खुद समझ रही हैं कि हाथी को बांध कर नहीं रखा जा सकता, तो वे अपने क्षेत्र के बालू माफियाओं को भी यही बात क्यों नहीं समझातीं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग वनरक्षी द्वारा यही बात कहने पर ग्रामीणों को भड़काने का काम करते हैं. वनपाल ने सवाल किया कि हाथी सिर्फ वन विभाग को घेरने के लिए है. विधायक के इस बयान पर गांव वालों ने उनको घेरने का काम क्यों नहीं किया. आज वो लोग कहां हैं जब विधायक खुद हाथी समस्या की सच्चाई बता रही हैं

नीति निर्माण का जिक्र
उन्होंने कहा कि विधायक खुद नीति निर्माण का काम करते हैं और विभाग सिर्फ उनके द्वारा बनाई गई नीतियों का क्रियान्वयन करता है. अगर विधायक के इस बयान के बाद भी गांव वालों की कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है तो हाथी के मुद्दे पर गांव वालों को वन विभाग को नहीं घेरना चाहिए.
गौरतलब है कि चांडिल ईचागढ़ कुकड़ू, नीमडीह क्षेत्र में हाथी मानव संघर्ष और अवैध बालू खनन दोनों बड़े मुद्दे हैं. हाल के दिनों में हाथियों के हमले से कई लोगों की जान गई है. वहीं 15 मई को ही खनन विभाग ने ईचागढ़ में अवैध बालू ले जाते ट्रैक्टर जब्त किए थे.
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