Dhanbad: धनबाद जिले के विभिन्न थानों में कई वर्षों से धूल फांक रही केस फाइलों पर अब पुलिस प्रशासन की नींद टूटी है. धनबाद पुलिस एक्शन मोड में दिखाई दे रही है और 20 से 30 वर्ष पुराने कई ऐसे लंबित केस जिनमें चार्जशीट या अंतिम प्रतिवेदन (फाइनल फॉर्म) कोर्ट में जमा नहीं किया गया था उसमें अब विशेष अभियान चलाकर चार्जशीट कोर्ट में जमा की जा रही हे. लम्बे समय तक चार्जशीट दाखिल नहीं होने के कारण इन मामलों में ट्रायल शुरू नहीं हो पा रहा था जिससे पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हो रही थी और न्यायिक प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे.

687 मामलों में दाखिल हुई चार्जशीट
लंबित मामलो की संख्या और ट्रायल में हो रही देर की स्थिति को देखते हुए धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने पुराने लंबित मामलों की विशेष समीक्षा कर सख्त निर्देश जारी किया है. इसके बाद अभियोजन शाखा प्रभारी मुकेश चौधरी के नेतृत्व और डीएसपी मुख्यालय धीरेन्द्र नारायण बंका की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई. इस टीम ने विभिन्न थानों में वर्षों से लंबित केस की फाइलों की गहन समीक्षा और जरुरी क़ानूनी कमियों को दूर किया.
एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम
जिसके बाद एसएसपी के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत मई माह के पहले पखवाड़े में जिले के अलग-अलग थानों से कुल 687 मामलों में चार्जशीट और अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में जमा कराया गया. इसे धनबाद पुलिस की बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है.
Read Also: DRDO कर्मी का पहाड़ी पर पेड़ से लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस
तकनीकी लापरवाही बनी थी वजह
लंबित मामलों की जांच में यह बात सामने आई कि कई मामलों में अनुसंधान पूरा होने के बावजूद तकनीकी लापरवाही, प्रशासनिक उदासीनता और दस्तावेजी प्रक्रियाओं की अनदेखी के कारण वर्षों तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई थी. लेकिन अब पुलिस यह दावा कर रही है कि ऐसे सभी मामलों को चिन्हित कर तेजी से न्यायालय भेजा जा रहा है ताकि ट्रायल शुरू हो सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो. धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने स्पष्ट कहा है कि लंबित मामलों में चार्जशीट दाखिल करने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और वर्षों से लंबित अन्य मामलों में भी जल्द चार्जशीट दाखिल कर न्यायिक प्रक्रिया को गति दी जाएगी.
