हजारीबाग सदर अस्पताल में हर 2 महीने के भीतर होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, उपायुक्त ने दिए कड़े निर्देश

Hazaribagh: जिला समाहरणालय भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की एक उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई....

Hazaribagh: जिला समाहरणालय भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की एक उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाल कड़ियों को दुरुस्त करने, खाली पदों को भरने और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई. उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि योजनाओं को केवल कागजों पर न चलाएं, बल्कि धरातल पर आम जनता को इसका सीधा लाभ मिलना चाहिए.

रोजगार और बहाली पर कड़ा रुख, 15 अगस्त तक नियुक्ति का निर्देश

बैठक के दौरान उपायुक्त हेमंत सती ने एनएचएम के तहत जिले में विभिन्न पदों पर चल रही रिक्तियों की विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रोस्टर क्लियर होने के तुरंत बाद आवश्यक अर्हता तय कर विज्ञापन प्रकाशित करें. पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाने, स्क्रूटनी कमेटी गठित कर जांच करने और दावा-आपत्ति निराकरण समिति बनाकर प्रक्रिया को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि 15 अगस्त 2026 तक सभी रिक्त पदों पर नियुक्तियां हर हाल में सुनिश्चित हो जानी चाहिए.

सदर अस्पताल की सुरक्षा सर्वोपरि, 2 माह में होगा फायर सेफ्टी ऑडिट

दिल्ली और देश के अन्य अस्पतालों में हाल ही में हुई आगजनी की घटनाओं से सबक लेते हुए उपायुक्त ने हजारीबाग सदर अस्पताल की सुरक्षा को लेकर बड़ा निर्देश दिया. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आगामी दो महीने के भीतर फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का आदेश दिया, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से मरीजों को सुरक्षित रखा जा सके.

इसके अलावा, सदर अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि जिले में प्रत्येक माह की पहली तारीख को अनिवार्य रूप से ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन कराएं और ब्लड बैंक को चौबीसों घंटे सुचारू रूप से संचालित रखें.

प्रसव कक्ष और ऑक्सीजन प्लांट को लेकर भी निर्देश

अस्पतालों में प्रसव के दौरान होने वाली लापरवाही को रोकने के लिए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि डिलीवरी वार्ड में केवल दक्ष और अनुभवी चिकित्सा कर्मियों की ही प्रतिनियुक्ति की जाए. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संवेदनशील एवं बेहतर कार्य करने वाली एएनएम और सीएचओ की ड्यूटी लगाने पर विशेष जोर दिया गया.

इसके अलावा, अनुमंडलीय स्वास्थ्य केंद्रों में एमजीपीएस पाइपलाइन की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराने तथा बरही स्थित पीएसए ऑक्सीजन प्लांट को बिना किसी देरी के शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया.

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एंबुलेंस सेवाओं और वित्तीय कार्यों की हुई समीक्षा

जिले में संचालित 108 एंबुलेंस सहित सभी प्रकार की एंबुलेंस सेवाओं के उपयोग और उनकी कमियों पर भी गंभीर चर्चा हुई. उपायुक्त ने 108 एंबुलेंस से जुड़ी सभी तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं को फाइल के माध्यम से तुरंत राज्य सरकार को भेजने का निर्देश दिया.

आयुष विभाग के डीपीएम को सभी एंबुलेंस की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए खर्च की समीक्षा करते हुए डीसी ने आयुष्मान डीपीसी को आयुष्मान मित्र के रिक्त पदों पर जल्द बहाली करने और दवाओं की खरीद में पारदर्शिता बरतने को कहा.

बैठक में ये मुख्य अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में उपायुक्त हेमंत सती के साथ उपविकास आयुक्त रिया सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्या पांडेय, सिविल सर्जन, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित कई वरिष्ठ चिकित्सा पदाधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित थे.

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