Hazaribagh: झारखंड-बिहार सीमा पर सक्रिय अवैध शराब के बड़े नेटवर्क और तस्करों के सिंडिकेट के खिलाफ हजारीबाग जिला प्रशासन और उत्पाद विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त सर्जिकल स्ट्राइक की है. हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती के कड़े निर्देश पर जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, संचय और अंतर-राज्यीय परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक हाई-प्रोफाइल छापेमारी अभियान चलाया गया. सहायक आयुक्त उत्पाद हजारीबाग के सीधे निर्देशन में चौपारण थाना पुलिस और पड़ोसी राज्य बिहार के गया जिला मद्य निषेध विभाग की संयुक्त टीम ने चौपारण थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम भगहर में पूरी गोपनीयता के साथ यह महा-अभियान चलाया. इस औचक कार्रवाई से सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब का काला साम्राज्य चलाने वाले माफियाओं और तस्करों के बीच भारी हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.

जंगल और झाड़ियों के बीच धधक रही थीं 9 अवैध भट्ठियां, संयुक्त टीम ने किया नेस्तनाबूद
गया मद्य निषेध विभाग और चौपारण पुलिस की संयुक्त टीम ने जैसे ही भगहर गांव के चिन्हित और संदिग्ध इलाकों की घेराबंदी शुरू की, वैसे ही अवैध धंधे में शामिल लोग पुलिस बल को देखकर घने जंगलों का फायदा उठाकर भाग निकले. छापेमारी दल ने जब इलाके का कोना-कोना खंगाला, तो वहां बड़े पैमाने पर महुआ चुलाई शराब तैयार करने का काला खेल पकड़ा गया. टीम ने मौके पर अवैध रूप से संचालित की जा रही 9 अलग-अलग शराब भट्ठियों को पूरी तरह से ध्वस्त और जमींदोज कर दिया. इसके साथ ही, छापेमारी के क्रम में तस्करों द्वारा घटनास्थल और उसके आसपास झाड़ियों में छुपाकर रखे गए लगभग 9500 किलोग्राम (95 क्विंटल) किन्वयन योग्य जावा महुआ को मौके पर ही पूरी तरह से नष्ट और विनष्ट कर दिया गया, जिसे सड़ाकर भारी मात्रा में जहरीली शराब तैयार की जानी थी.
460 लीटर अवैध शराब जब्त, शराब बनाने वाले कीमती बर्तन और उपकरण भी तोड़े
सघन तलाशी के दौरान संयुक्त टीम ने भट्ठियों के पास से शराब निर्माण में प्रयुक्त होने वाली भारी-भरकम सामग्रियां, बड़े बर्तन, ड्रम और गैस चूल्हे आदि को मौके पर ही कुल्हाड़ी से काटकर नष्ट कर दिया. इसके साथ ही, भट्ठियों से तैयार की जा चुकी करीब 460 लीटर अवैध चुलाई महुआ शराब को उत्पाद विभाग की टीम ने विधिवत जब्त कर लिया. उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने साफ शब्दों में स्पष्ट किया है, कि झारखंड-बिहार बॉर्डर के इन इलाकों में अवैध शराब के निर्माण और उसकी तस्करी के विरुद्ध यह सघन अभियान आगे भी पूरी कड़ाई से लगातार जारी रहेगा. इस धंधे के मुख्य सरगनाओं और इसमें संलिप्त सभी सफेदपोश व्यक्तियों की पहचान की जा रही है, जिनके विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की संगीन धाराओं के तहत विधिसम्मत और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
इन जांबाज अधिकारियों और जवानों की टीम ने भगहर गांव में मारा छापा
अंतर-राज्यीय समन्वय के तहत बिना किसी प्रशासनिक चूक के इस बेहद संवेदनशील और बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने वाले छापेमारी दल में मुख्य रूप से हजारीबाग उत्पाद विभाग के अवर निरीक्षक उत्पाद सुमितेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक एंटोनि बागे एवं सय्यद बसीरुद्दीन शामिल थे. इनके साथ ही इस कठिन भौगोलिक क्षेत्र में मोर्चा संभालने के लिए उत्पाद आरक्षी अनूप कुमार सिंह तथा सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान मुख्य रूप से शामिल थे, जिन्होंने चौपारण पुलिस और गया मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर इस पूरे शराब सिंडिकेट की रीढ़ की हड्डी तोड़कर रख दी.
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