Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने केंद्र की नीतियों पर निशाना साधते हुए देश की मौजूदा स्थिति को आर्थिक और सामाजिक आपातकाल करार दिया. शुक्रवार को हरमू स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने तंज कसा कि चुनाव जीतना अलग बात है और देश चलाना अलग, जिसे अब भाजपा समर्थित अर्थशास्त्री भी स्वीकार कर रहे हैं. प्रधानमंत्री की हालिया विदेश यात्रा की तस्वीरों को देश की बदहाली पर मजाक बताते हुए उन्होंने कहा कि जब देश संकट में हो, तब नेतृत्व का ऐसा रुख शर्मनाक है.

संथाल परगना से सिंहभूम तक के सीमावर्ती क्षेत्रों में तनावपूर्ण माहौल और त्योहारों पर पाबंदियों का जिक्र करते हुए भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार की तुलना रेत में सिर छुपाने वाले शुतुरमुर्ग और रोम जलने पर बांसुरी बजाने वाले नीरो से की. उन्होंने झारखंड के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार, जीएसटी बकाया की अनदेखी और नीट) पेपर लीक जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा.
महंगाई के खिलाफ सड़क पर उतरेगा झामुमो
सुप्रियो भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि 2029 तक समाज को गहरे सामाजिक विभाजन में बांटने की तैयारी है. भीषण गर्मी के बाद झामुमो महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ सड़क पर उतरेगी. देश की स्थिरता के लिए भाजपा सत्ता छोड़े और सभी दलों को शामिल कर एक एकीकृत राष्ट्रीय सरकार का गठन हो.
