Ranchi: राजधानी में अब अल्कोहॉलिक बेवरेजेस यानी शराब और अन्य नशीले पेय पदार्थों के कारोबार में मनमानी नहीं चलेगी. रांची जिला प्रशासन के अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (डेजिग्नेटेड ऑफिसर) ने सभी शराब निर्माताओं, वितरकों, रिटेलर्स (खुदरा विक्रेताओं) और बार संचालकों को 14 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से फूड सेफ्टी लाइसेंस (खाद्य सुरक्षा लाइसेंस) लेने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है. ऐसा नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों को सील करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.

बिना लाइसेंस धंधा किया तो सीधे जेल
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006’ (एफएसएस एक्ट 2006) की धारा 3(1)(i) के तहत अल्कोहल को भी खाद्य पदार्थ की श्रेणी में रखा गया है. इसलिए सिर्फ आबकारी (एक्साइज) लाइसेंस होना पर्याप्त नहीं है. यदि कोई भी कारोबारी बिना फूड सेफ्टी लाइसेंस के व्यापार करता पाया गया, तो धारा 63 के तहत यह एक गंभीर दंडनीय अपराध माना जाएगा, जिसके लिए जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है.
Also Read: JAC ने जारी किया मदरसा परीक्षा 2026 का शेड्यूल, 16 जून से शुरू होंगी परीक्षाएं
सख्त हुए लेबलिंग और क्वालिटी के नियम
जारी आदेश के मुताबिक, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशन, 2018 के तहत शराब की बोतलों पर लेबलिंग के कड़े नियम लागू होंगे. अल्कोहल की सही मात्रा, एलर्जेन (एलर्जी) चेतावनी और वैधानिक स्वास्थ्य चेतावनी अंकित करना अनिवार्य होगा. बोतल पर किसी भी प्रकार की न्यूट्रिशनल इन्फॉर्मेशन (पोषण संबंधी दावा) या स्वास्थ्य लाभ संबंधी दावा नहीं किया जा सकता. इसके अलावा, 0.5 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाले पेय पदार्थों पर गैर-नशीला (नॉन-अल्कोहॉलिक) जैसे भ्रामक शब्दों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. शराब की गुणवत्ता (क्वालिटी) में कमी पाए जाने पर धारा 50 से 59 के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
14 दिनों में ऑनलाइन करें आवेदन
कारोबारियों को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन करते समय “काइंड ऑफ बिजनेस” में अपनी श्रेणी (मैन्युफैक्चरर/रिटेलर/फूड सर्विसेज) चुनकर “फूड कैटेगरी 14 – बेवरेजेस अदर दैन डेयरी प्रोडक्ट्स” का चयन करना होगा. किसी भी तकनीकी समस्या या दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी के लिए कारोबारी रांची सदर अस्पताल परिसर स्थित खाद्य सुरक्षा कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं. समय सीमा समाप्त होने के बाद औचक निरीक्षण और सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.
